Posted in चंद पंक्तियाँ, hindi poem

दिवाली के जलते दिये

दिवाली के जलते दियों को

देख कर समझ आया

जलना कितना मुश्किल होता है।

लेकिन दीप की तरह जलनेवाले  

रौशनी बिखेर सकते हैं।

यह भी समझ आया।

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Posted in चंद पंक्तियाँ

चेहरा

चेहरा क्या है?

ईश्वर प्रदत उपहार….

हमारे उम्र अौर विचारों की छाया।

पर ये लफ्ज , ये बोली,

 सच्चाई का  आईना है