Posted in hindi post based on new, Uncategorized

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस International Mother Language Day (IMLD) 21 February

 

 

 

मातृभाषा को बोलने अौर सुनने का एहसास हीं बहुत सुखद होता है अौर संबंधो में ज्यादा  अपनापन अौर निकटता लाता है।   इसराइल की आधिकारिक भाषाएँ अरबी और हिब्रू हैं।   हिब्रू  मृतप्रायः भाषा थी, जिसे उन्हों ने  पुनर्जिवित किया । इसी तरह  बांग्लादेश ‘ भाषा आन्दोलन दिवस’  मना कर अपनी भाषा को संरक्षित कर रहा है। हमारे यहाँ तो भाषाअों का खजाना है। बस उनके सम्मान अौर संरक्षण की जरुरत है।

 

भाषा बाधा नहीं, अभिव्यक्ति है।

भाषा कोई भी हो, चमक बोलनेवाले में होती है।

मातृभाषा से ज्यादा मधुर कुछ भी नहीं ।

भाषा बाधा नहीं, अभिव्यक्ति है !!!!!

 

 

Image from internet.

Posted in Hindi kavita, Uncategorized

जिंदगी के रंग 12 – कविता

if you experience the love, you have to touch the spirit, not the body.
~ Rumi

 

            भूलने की कुछ आदत सी हो गई है………..

जिंदगी की जद्दोजहद में।

डर लगता है कभी,

अपने आप को हीं न भूल जाऊँ।

अगर कभी तुम्हें भूल गई तो,

शिकवे गिले न करना

               बस धीरे से याद दिला देना  !!!!!!!!!

Posted in हिंदी कविता, hindi poem, Uncategorized

जिंदगी के रंग 11 – कविता

 

My heart is so small, it’s almost invisible. How can You place such big sorrows in it? “Look,” He answered, “your eyes are even smaller, yet they behold the world.
~ Rumi

 

हँसने की चाह ने कितना रुलाया है।

अौरो को खुश करने की कोशिश में

अपने -आप को खोया है।

अब अपने-आप को पाना  है।

      सब  खो कर भी…….

क्यों जिंदगी ने हसँने की,

कोशिश में अक्सर  रुलाया है??

 

Posted in social issues, Uncategorized

किन्नर /ट्रांसजेंडर Transgender

For only transgender candidate, election ‘a chance to gain respect’ Everybody makes fun of us….. we just need one chance, News- The Indian Express PUNENewsLine.  dated  Sat, Feb 18,2017)

किन्नर या ट्रांसजेंडर

प्रकृति में नर नारी के अलावा एक अन्य वर्ग भी है जो न तो पूरी तरह नर होता है और न नारी। जिसे लोग हिजड़ा या किन्नर या फिर ट्रांसजेंडर के नाम से संबोधित करते हैं।

महाकाव्य महाभारत में किन्नर

अर्जुन अौर उलुपि के पुत्र इरावन को किन्नरों के अराध्य देव माना जाता है। किवदन्ति है कि पांङवों को महाभारत विजय के लिये एक बलि की जरुरत थी। इरावन इसके लिये तैयार हो गया। पर बलि से पहले वह विवाह करना चाहता था। अतः कृष्ण ने मोहिनी नाम की नारी का रुप धारण कर इरावन से एक रात का विवाह रचाया था। विल्लुपुरम मंदिर में अप्रैल और मई में हर साल किन्नर १८ दिन का धार्मिक त्योहार मनाते हैं। त्योहार के दौरान,भगवान कृष्ण और इरावन की शादी व इरावन के बलिदान की कहानी दोहराई जाती है ।
शिखंडी महाभारत युद्ध में
महाभारत में अर्जुन ने एक साल के लिये किन्नर का रुप धारण किया था और अपना नाम वृहनल्ला रख लिया था. इसी तरह शिखंडी हिंदू महाकाव्य में एक किन्नर चरित्र है । जो पांचाल के राजा द्रुपद का पुत्र अौर पांचाली व धृष्टद्युम्न का भाई था। शिखंडी ने पांडवों के पक्ष में कुरुक्षेत्र युद्ध में हिस्सा लिया तथा भीष्म की मृत्यु का कारण बना।

 

रामायण में किन्नर-

रामायण के कुछ संस्करणों में लिखा है, जब राम अपने 14 वर्ष के वनवास के लिए अयोध्या छोड़ने लगे हैं। तब अपने साथ आ रही प्रजा को वापस अयोध्या लौटने कहते हैं।

पर 14 साल के बाद लौटने पर किन्नरों को वहीं अपना इंतजार करते पाया। उनकी भक्ति से राम ने खुश हो किन्नरों को वरदान दिया कि उनका आशीर्वाद हमेशा फलित होगा। तब से बच्चे के जन्म और शादी जैसे शुभ अवसरों के दौरान वे लोगों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं ।

ग्रह अौर टोटके

बुध को नपुंसक ग्रह माना गया है। अतः कुंडली में जब बुध कमजोर हो तो उस समय किसी किन्नर को हरे रंग की चूड़ियां व साडी दान करनी चाहिए। इससे लाभ होता है।

मान्यता है, किन्नरों की दुआएं किसी भी व्यक्ति के बुरे वक्त को दूर कर सकती हैं। और यदि धन का लाभ चाहते है तो किसी किन्नर से एक सिक्का लेकर अपने पर्स में रखे।

इन्हें मंगल मुखी कहते है क्योंकि ये केवल मांगलिक कार्यो में ही हिस्सा लेते हैं मातम में नहीं।

इन किन्नरों या ट्रांसजेन्डरो को समाज में बराबरी का दर्जा नहीँ दिया जाता हैं। जबकि हमारे महाकाव्यों में इनकी विषद चर्चा है। ये शादियों, बच्चे के जन्म में नाच गाने, भीख मांगने और देहव्यापार से ही आजीविका चलाते हैं।

ऐसे में इन में से कुछ को केरल में माडलिंग का अवसर प्रदान किया गया हैं। ये किन्नर मॉडल हैं – माया मेनन और गोवरी सावित्री। उन्हें मॉडलिंग का कोई अनुभव नहीं है। उनका कहना है कि सामाजिक संस्था क़रीला के ज़रिए इन्हें यह अवसर मिला। क़रीला केरल में एलजीबीटी समुदाय के लिए काम करने वाली एक संस्था है।

Source: मॉडेल बने किन्नर /ट्रांसजेंडर ( जैसे अर्जुन बने थे वृहनल्ला )

Posted in psychology and life, Uncategorized

गुस्से की कड़ी Chain of anger #understandyourbehavior / #अपने व्यवहार को समझें

अक्सर ऐसा होता है,  हम बहुत सी छोटी -बड़ी बातों पर नाराज होते रहते हैं।
गुस्सा या आक्रोश भी एक तरह का एनर्जी है, जैसे विज्ञान में एनर्जी रूप बदल
लेती है पर खत्म नहीं होती है। ठीक इसी तरह गुस्सा भी जल्दी खत्म नहीं होता है।
इसकी कडी आगे बढ़ते रहती है। अगर हम  किसी एक व्यक्ति पर गुस्सा करते हैं,
तब वह आगे किसी और पर अपना गुस्सा निकालता है। और यह कड़ी कब तक
चलती रहती है जब तक कि कोई अपने गुस्से को कंट्रोल नहीं करता है, और

शांति से इस  बात को  नहीं संभालता  है।
गुस्से को शांति से संभालना तभी संभव है  जब हमारे- आपके अंदर खुशी हो
और आपका मन शांत हो।  किसी तरह की नाराजगी, परेशानी, आक्रोश या
चिंता से आप व्यथित न हो।

पर इसका यह मतलब नहीं है कि जिंदगी में कोई परेशानी ना हो।  जिंदगी की
परेशानियों के साथ शांत और खुश रहना सीखना जरूरी है।

खुशी अौर शांति दोनो बनाये रखने का  मेरी नजर में बस एक ही उपाय है वह
अौर  आपका अपना मन !! उसे समझे अौर अपना व्यवहार /मनोविज्ञान  को समझें ।
हाँ  एक अौर भी रास्ता है, वह है अध्यात्म या योग से  अपने पर नियंत्रित रखना 
अौर खुश  रहना सीख सकते हैं.

 

 

Image courtesy internet.

Posted in anuvhav, Uncategorized

नाम में क्या रखा है ? What is in a name?

जब, मेरी बेटी छोटी थी। तब मैं उसके साथ अक्सर एक खेल खेला करती थी ।

उसे अलग अलग नाम से बुलाती थी और फिर उससे उसका नाम पूछती थी।

उसे इस खेल में बङा मजा आता था। उसके चेहरे पर बिखरी उसकी खुशी और

खिलखिला कर नए -नए नाम बताने का खेल मुझे बड़ा अच्छा लगता था 

 यह खेल बहुत बार उल्टा भी चलता  था।  यह  मैं अक्सर तब करती थी,

जब मेरे पास बहुत काम होता था। जब मैं बहुत व्यस्त होती थी और वह

मुझे कुछ ना कुछ बोल कर परेशान करती रहती थी। मतलब यह कि  मैं

तब  उसे व्यस्त रखने के लिए  ऐसा करती थी।

 शायद, दुनिया में हर व्यक्ति के लिए  अपना नाम ही सबसे प्यारा शब्द  होता है।

पर  लड़कियों के  नाम शादी के बाद  बदल जाते हैं। लड़कियां अपने नाम या सरनेम के

साथ हीं  जिंदगी क्यों नहीं चला सकती हैं?

Posted in travel experiance, Uncategorized

Beautiful Bhigwan – A Bird Sanctuary

Bhagwan  is located on the Pune-Solapur Highway(Maharastra) around 105 km from Pune on the backwaters of Ujani dam.  Its famous for migratory birds such as Ducks, Herons, Egrets, Raptors and Waders along with flocks of hundreds of flamingos

 

DSC_0210.jpg

Searching for Breakfast  –    Black Headed Ibis,

DSC_0303 1.jpg

     Asian Open Billed Stork  and  Black-winged Stilt in noon.

 

DSC_0230.jpg

 

An evening in  Bhigwan with seagulls…….  lovely  seabirds  

 

DSC_0326.jpg

beautiful long tailed, Green Bee Eater

 

 

dsc_0291-1

Grey Heron ready to take a flight……..

 

dsc_0203

I wish I could fly like a bird  एक आजाद परिंदे की तरह……..

 

 

 

Image courtesy Chandni Sahay