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मृत कल अौर अजन्मा कल – कविता ” Dead yesterday n unborn tomorrow” -Poem #celebrateTodayThisMoment


Indian Bloggers

“Dead yesterday n unborn tomorrow , why fret about them , if today be sweet.”

कहते हैं, बीती ताहि बिसार दे , आगे की सुधि ले..

 जो बीत गई सो बात गई!!

पर बीता इतिहास तो सबक देता है।

गर उसे बोझ ना बना लें हम,

आनेवाला दिन , क्या होगा कैसा होगा?

भविष्य के गर्भ में क्या छुपा है? कौन जाने?

भविष्यनिर्माण योजना ना बनायें?

यह सपना भी तो जरुरी है।

पर यह ख्याल, यह फलसफा भी बुरा नहीं-

“कल हो ना हो……

इस क्षण  को जी लें आज ”

भविष्य के दिवा स्वप्न ,

भूत के बोझ

मृत कल अौर अजन्मे कल की चिंता क्यों?

गर आज  मधुर, खुशनुमा हो…….

शब्दार्थ-

दिवा स्वप्न – day dreaming

बिसार – forget

भविष्यनिर्माण योजना- future planning

भूत- Past

Indispire Topic-

Regretting the past and worrying about the future will further flatten the time in which you are living and celebrate today and try to employ the most of it.Write a post on the celebration of Today ..This moment is the only truth. #CelebrateTodayThisMomen

image from internet.

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भाषा बाधा नहीं, अभिव्यक्ति है – कविता #EnglishAttacks

Language is not a barrier but a medium of expression.


Indian Bloggers

भाषा बाधा नहीं, अभिव्यक्ति है।

वैश्विक होती दुनिया के सिमटने  से,

एक -दूसरे से बातचीत करने के लिये

एक  आम माध्यम तो चाहिये।

              कभी

एक समय था जब अँग्रजी राज में सूरज डूबता नहीं था।

तभी से उनकी भाषा ने भी  राज किया।

अँग्रेज  तो चले गये,

पर अगर आज भी हम उनकी भाषा की गुलामी

करते हैं , तब यह हमारी कमजोरी है।

  क्योंकि

भाषा कोई भी हो, चमक बोलनेवाले में होती है।

मातृभाषा से ज्यादा  मधुर कुछ भी नहीं ।

भाषा बाधा नहीं, अभिव्यक्ति है !!!!!

शब्दार्थ / word meaning

अभिव्यक्ति – medium of expression.

वैश्विक-global.

आम – common.

l

IndiSpire Topic –

Does speaking well in English add a sparkle to the personality of a person? If ‘yes’, then do you feel it is right? Share your views. #EnglishAttacks

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संगीत की सृजनात्मक शक्ति #MusicDilSe

संगीत

ध्वनियाँ जब विशिष्ट लय में बँध जाती है, तब संगीत का रुप ले लेती हैं। संगीत वह जादू है, जो  मन-मस्तिष्क को स्पर्श कर उल्लसित करता है।  भारतेन्दु हरिश्चन्द्र  के अनुसार – संगीत की उत्पत्ति मानवीय संवेदनाअों  के साथ हुई। संगीत के माधुर्य की  अपनी एक भाषा  होती है। जो सभी भाषाअों से परे है। अर्थ मालुम हो या ना हो,  किसी भी भाषा का मधुर संगीत दिल को छु जाता है।

संगीत की उत्पत्ति

प्राचीन सभ्यताओं की मूर्तियों, मुद्राओं व भित्तिचित्रों से पता चलता  है कि  संगीत हजारों वर्ष पुरानी कला है।  संगीत की उत्पत्ति की  अनेक रोचक कथाएँ प्राचीन भारतीय शास्त्रों में मिलती हैं।  देवता, गन्धर्व, अप्सराएँ,  किन्नर वाद्य- गान के लिये जाने जातें हैं। गान्धर्व-कला में गीत सबसे प्रधान माना जाता है।  सारे विश्व में संगीत के लिए अलग-अलग शब्द हैं। यूनान मे म्यूज काव्य और संगीत की देवी मानी गयी है।   उन्हें “दि इन्सपायरिंग गॉडेस ऑफ साँग’ अर्थात् ‘गायन की प्रेरक देवी’ कहा गया है। इसी म्यूज  शब्द से म्युजिक व अन्य  साम्य   शब्दों की उत्पत्ति हुई  है। जैसे यूनानी भाषा में संगीत को मौसिकी,  लैटिन में मुसिका,   फ्रांसीसी में मुसीक,  पोर्तुगी में  मुसिका,  जर्मन में मूसिक, अंग्रेजी में म्यूजिक,  इब्रानी, अरबी और फारसी में  मोसीकी  कहते हैं।

संगीत की देवी सरस्वती

एक अद्भुत अौर विशेष बात यह है कि   यूनान की परम्परा में देवी म्यूज की अवधारणा, भारत की  सरस्वती देवी से बिलकुल मिलती-जुलती है।  देवी सरस्वती को भारतीय  संसकृति में साहित्य, संगीत, कला की देवी माना जाता है। देवी सरस्वती के एक हाथ में  वीणा होती है। यह  संगीत  कला की अभिव्यक्ति है।

संगीत अौर धर्म का गहरा सम्बंध –

संगीत मात्र मनोरंजन का साधन नहीं है। वरन यह मानसिक  शान्ति तथा आत्मिक स्वास्थ्य प्रदान करता है। यही कारण है कि संगीत लगभग हर धर्म से गहरे जुङा है। जो हमें जीवनभर हमारी मानसिक और भावनात्मक समस्याओं से लड़ने में मदद करता है। प्रत्येक धर्म अौर आध्यात्म   में भक्ति संगीत किसी ना किसी रुप में शामिल होता है जैसे – भजन, किर्तन,

संगीत का उपयोग

संगीत  भावुक अभिव्यक्ति मात्र   नहीं है। आजकल  वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं द्वारा संगीत की  विलक्षण बातों का  उपयोग शारीरिक  और मानसिक रोगों के निदान  के लिये  किया जा रहा  है।  अब संगीत उपचार भी एक चिकित्सा पद्धति बन गई है और उसका उपयोग सफलतापूर्वक  हो रहा है। दिलचस्प  बात है कि    वनस्पति और प्राणियों पर भी संगीत के   अच्छे परिक्षण   परिणाम  पाये गये  हैं।

I am writing this blog for #MusicDilSe Blogging Contest at  www.funkaar.in

http://www.funkaar.in

 

 

 

Image from internet.

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Mystery Blogger Award –


Indian Bloggers

Thanks a lot for Mystery Blogger Award. It’s so nice to know that there are fellow bloggers who really appreciate and believe in my work.

I have been nominated by a very dedicated and talented blogger – Vishal. Thanks for thinking of me and nominating my name Vishal. I am sure you all will love his blog on –Vishal . I really appreciate my nomination and am grateful to have been thought of.

WHAT IS MYSTERY BLOGGER AWARD?
“Mystery Blogger Award” is an award for amazing bloggers with ingenious posts. Their blog not only captivates; it inspires and motivates. They are one of the best out there, and they deserve every recognition they get. This award is also for bloggers who find fun and inspiration in blogging; and they do it with so much love and passion.

https://okotoenigma.wordpress.com
– Okoto Enigma

RULES

Put the award logo/image on your blog
List the rules.
Thank whoever nominated you and provide a link to their blog.
Mention the creator of the award and provide a link as well
Tell your readers 3 things about yourself
You have to nominate 10 – 20 people
Notify your nominees by commenting on their blog
Ask your nominees any 5 questions of your choice; with one weird or funny question (specify)
Share a link to your best post(s)

add the link of your favourite post-

Rekha

As the creator, I will follow every rule and nominate people so that other nominees can see how it’s done and so on. I won’t post the rules again because it’s written above; but every nominee have to post the rules (Copy and paste it on your blog instead. Do not change the rules). You also have to say what the award is about. If you have any question, feel free to ask. Here goes:

My nominations are –

Vivek Vatsal1

Masoom Jethwa

MinionSays

D P Dash

LavnikSwara

Karthik

rationalraj2000

Sunaina

Rakesh

uk8971

Anupriya

जितेन्द्र माथुर

kutukamus

krishnaagyani

All of you are amazing and one of a kind. I am glad to have crossed paths with each one of you.    All the best. Keep blogging and keep smiling.
Questions for you….

What is your worst experience of life?

What you like to eat in breakfast?

Which is your favorite colour?

What is your aim in your life?

What makes you happy and proud?

My Answers are-

What is your worst experience of life?

Saw a road accident.

What you like to eat in breakfast?

Anything fresh and testy.

Which is your favorite colour?

PINK

What is your aim in your life?

To be known as a good counsellor.

What makes you happy and proud?

My two daughters achievements.

3 things about me.

I love doing painting, but I am out of practice.

I am very bad singer.

I am very creative. I believe that everything can put to some use and wastage can be minimise.

I get a good response on my all posts,but Hard Work was very appreciated by you all

Thank you Friends of my Blog world.

Rekha

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प्लास्टिक धन -कविता #Demonetization

Indian Bloggers

8 बजे तक के धन, 8:15 में बेकार कागज बन गये।

पर काले धन खत्म होने की बातों ने,

देशभक्ति की भावना भर दी।

      कुछ बचाये -छुपाये छुट्टे पैसे ले

बाजार गई।

बङी सस्ती सब्जियाँ अौर रोते किसान मिले।

मातम करती कामवालियों अौर

गोलगप्पे की जिद करती बिटिया से

नजरें बचाती, खाली एटीम अौर पर्स  देख

प्लास्टिक धन ले माॅल पहुचीँ।

उन्हीं सब्जियों को 5-10 गुणा मंहगा पाया।

क्यों नहीं देखते –

हमारा पैसा कहाँ है जाता?

कुछ समझ नहीं आता,

जो हो रहा है कितना सही या गलत है,

कोर्ट अौर नेताअों की सौ बातें सुन,

कुछ समझ नहीं आता।

 

 

शब्दार्थ –

प्लास्टिक धन- Plastic Money

 

Indispire -144

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The Versatile Blogger Award. (II)


Indian Bloggers

Thanks a lot for   Versatile Blogger Award. It’s so nice to know that there are fellow bloggers who really appreciate and believe in my work.

I have been nominated by a very dedicated, lovely and beautiful  blogger –  Sweta Ojha.  Thanks for thinking of me and nominating my name Sweta. I am sure you all will love her blog  on –   Sweata . I really appreciate my nomination and am grateful to have been thought of.

RULES:

Thank the person who nominated you.
Share the award on your blog.
Share 7 random facts about you.
Tag 5 bloggers with less than 1000 followers.
Let them know that they have been nominated.
The seven random facts  about me are –

I love doing painting, but I am out of practice.

I am very bad singer.

I love to bake.

I am very creative.

I wish I could dance well.

I believe that   everything can put to some use and wastage can be minimise.

My nominations  are –

Kavita

Priyadarshini

Sunaina

Abhishek

Amit Misra

All of you are amazing and one of a kind. I am glad to have crossed paths with each one of you.

All the best. Keep blogging and keep smiling.

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अप्रैल फूल – कहानी.

मँजुल और बीनू बड़ी अच्छी  साखियाँ थी. मँजुल की शादी पैसेवाले घर में हुई. तत्काल उसने बीनू की दोस्ती अपने देवर कुमार से करवा दी. पहली होली मनाने  मँजुल पति  और देवर के साथ मैके पहुँची. रंग और भंग के नशे में डूबे बीनू और कुमार को मँजुल ने  अपने कमरे में एकांत भी उपलब्ध करा दिया.

अगले वर्ष कुमार के बैंक  पीओ बनने के साथ मँजुल को एक ख़बर बीनू ने भी दिया  – वह कुमार के बच्चे की कुंवारी माँ बनने वाली है और कुमार ने उसे शादी का आश्वासन दिया है.काफी सोंचा विचार कर  बीनू को मँजुला ने आश्वाशन दिया , घबराने की बात नहीँ है. बस, वह  अपनी  माँ बनने की ख़बर गुप्त रखे.  तकि वह अपने  रूढिवादी  ससुराल वालों को राजी कर सके. एक दिन शाम के समय मँजुल मिठाई के डब्बे के साथ बीनू के पास पहुँची.

छत पर, बीनू के  एकांत कमरे  में मँजुल ने हमेशा की तरह अपनी शादीशुदा खुशनुमा जीवन के रंगीन किस्से सुनायें. साथ ही उसे एक खुशखबरी दी. जल्दी ही कुमार उसके घरवालो से उनके शादी की बात करने आने वाला है.

मँजुल आनेवाले एक अप्रैल को अपने पति को अप्रैल फूल बनाने की योजना बना रही थी. दोनो हँसती -खिलखिलाती सखियों ने तय किया, मँजुल अपने पति को अपने  आत्महत्या की झूठी  चिठ्ठी  भेजेगी और जब  वह डर कर  भागता- दौड़ता आयेगा तब उसका चेहरा देखने में बड़ा मज़ा आयेगा.

मँजुल ने बीनू को चट कलम पकड़ा दिया. बीनू ने दो पंक्तियों में आत्महत्या की धमकी लिख दी. चिट्ठी पूरी होती मँजुल ने उसकी प्रतिलिपि अपने लिखावट में  बनाई और नीचे अपना नाम लिख दिया.  तभी ,मँजुल को मिठाई के डब्बे की याद आई. उसने डब्बे से लड्डू निकाल बीनू के मुँह में दो -तीन लड्डू ठूँस दिये और दोनो साखियाँ जेठानी – देवरानी बनने के सपने सजाने लगीं.

थोड़ी देर  में  मँजुल जाने के लिये उठ खड़ी हुई  और बोल पड़ी – ” मेरा नकारा पति अपने पिता के काले पैसों पर जीता है  और तुम  पीओ की पत्नी बनोगी ? मुझे तुम्हारी  अच्छाईयाँ हमेशा चुभती थी. जान बुझ कर  मैंने   कुमार से तुम्हारी दोस्ती करवाई थी. उसे तुममें कोई दिलचस्पी नहीँ है. वह तो हमेशा से ढीले चरित्र का है.”

तभी बीनू अपना पेट पकड़ कर छटपटा कर अर्ध बेहोशी में ज़मीन पर गिर पड़ी. मँजुल ने  कुटिल हँसी के साथ कहा – “ओह … लड्डूओं वे अपना काम कर दिया ?” बचे लड्डुओ के डब्बे को बैग में रख , बीनू की  लिखावट में लिखी आत्महत्या की  चिठ्ठी  टेबल पर  पेपर वेट से दबा वह  चुपचाप निकल गई.