शादी

rrr

रोज़ के झिकझिक से परेशान ,
झूठी बातों  और धोखे से हैरान
जब भी उसने चाहा निकलना
सबने कहा -सात जन्मों का
बंधन हैं.
तुम्हे निभाना हैं.
पावन सम्बन्ध हैं
तुम्हे निभाना हैं.
पर यह तो सचमुच ऐसा बंधन हैं.
जो सिर्फ उसे निँभाना हैं.
ऐसा क्यों ?
काश ये बातें दोनों को कही जाती.

 

 

images from internet.

Advertisements

4 thoughts on “शादी

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

w

Connecting to %s