अपनी जङें मजबूत करें – बांस की तरह (प्रेरक लेख / motivational thought )

जङ

बांस एक तरह का घास है। चीनी बांस के पेड़  छह सप्ताह में  80 फुट लम्बे हो जाते है। यह बङी हैरानी की बात है। पर सच्चाई यह है कि इसे लगाने के चार वर्ष  बाद तक  इस में  विकास के कोई चिन्ह नहीं दिखते।  पर इसे  पानी अौर पोषण उपलब्ध कराया जाता है।  चार वर्ष के बाद   पांचवें वर्ष में  एक चमत्कार की तरह  बांस के पेड़ सिर्फ छह सप्ताह में 80 फुट बढ़ जाते हैं।

यह चमत्कार नहीं है। इतने समय यह निष्क्रिय नहीं रहता।  चार वर्षौं के दौरान बांस  अपने अस्सी फुट ऊँचाई को संभालने के लिये अपनी जङों को बनाता अौर मजबूत करता रहता है।  वर्ना यह अचानक  अपनी 80 फुट लम्बी काया को संभाल नहीं सकेगा।

हम भी थोङे मेहनत के बाद हीं सफलता की कामना करने लगते हैं। जब कि जड़ें मजबूत बनने के लिये  धैर्य  अौर परिश्रम की जरुरत होती है। प्रतिकूल परिस्थितियों और चुनौती का सामना करने की शक्ति अौर सफलता  संभालने के लिए मजबूत नींव बनने में समय लगता है। इस लिये असफलता से ङरने के बदले इसे जङों या आधार अौर नींव का निर्माण काल मानना चाहिये। जब एक घास में इतना सामर्थ है तब हम तो ईश्वार की सर्वौत्तम रचना हैं।

 

I am waiting for your valuable comments and feedbacks. I love  them.

 

 

 

 

images from internet.

 

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23 thoughts on “अपनी जङें मजबूत करें – बांस की तरह (प्रेरक लेख / motivational thought )

  1. Wow Maam
    True , firm foundation is necessary in every aspect of our life , if your foundation is strong, and you on right path, and what you need is patience, and the success is yours … there may be many short cuts, but true success remains if you are right and on firm foundation of being honest and humble ……
    Very inspriational ..Thanks for sharing maam
    Wishing you a wonderful week ahead
    and keep smiling 🙂

    Liked by 1 person

    1. Thanks Bhagovika. Your comment has INSPIRED me dear. Actually , i read about the growth pattern of Chinese bamboo and i realised the importance of foundation formation. Keep healthy and enjoy rainy Sunday.

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    1. बहुत धन्यवाद राकेश जी. आप ऐसे ही अपने मूल्यवान सुझाव भेजते रहिये. and keep smiling.

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  2. अपनी जड़ें मजबूत करने तथा अभीष्ट की प्राप्ति हेतु धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा करने की सीख देने के लिए बांस के वृक्ष से बेहतर उदाहरण नहीं हो सकता । बहुत प्रेरक लेख है रेखा जी यह आपका ।

    जितेन्द्र माथुर

    Liked by 1 person

    1. आप मेरे post के लिये बड़े ऊम्दे तरीके से अपने विचार देते हैं. अच्छा लगता हैं. आप जैसा सुधि पाठक का मिलना मेरे लिये सौभाग्य की बात हैं. बहुत धन्यवाद.

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