चेहरे पर चेहरा #मास्क#mask   -कविता 

mask

नकाब , हिजाब , परदे, ओट ,घूंघट , मुखौटे  या मास्क.

कभी  छुपाती  खूबसूरती , कभी बदसूरती 

कभी छुपाती खुशी, कभी ग़म हैं.

कही  फरेब.छुपा होता हैं.

कहीँ  आँसू.

कही दुल्हन का घूंघट , कही धोखे की आहट 

कही धूप -छाँव से ओट.

छउ  नाच या 

सुंदरबन के बाघों को धोखा देते मुखौटे.

                                                     हर जगह चेहरे पर चेहरा   !!!!!!!!

किस  नकाब के  पीछे.
 ना जाने क्या रहस्य छुपा हैं ,

 बंद लिफाफे के  आकर्षण सा .

रहस्यमय मास्क 

 खींचती  हैं हर  नज़र अपनी ओर …..

 

mask 1

 

 

 

 

images from internet.

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18 thoughts on “चेहरे पर चेहरा #मास्क#mask   -कविता 

    1. धन्यवाद सागर जी,अपने मनोभावों को मुखौटों के पीछे छुपाना हमारी आदत बन चुकी है। ना जाने कितने दुख-सुख, खुशियाँ अौर गम छुपा होता है।

      Liked by 2 people

      1. यह कविता indiblog के topic ” mask ” के लिये लिखा हैं मैंने. पसंद करने के लिये धन्यवाद. 😊

        Liked by 1 person

  1. Thanks Dash ji. Mask is associated with Mistry . The basic human nature is to discover the hidden/ mesterious things. So this attraction is natural . many time it leads to betrayal / धोखा .

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  2. बहुत खूब रेखा जी ! आफ़रीन ! मुझे एक पुराना गीत याद आ गया – ‘दो जासूस करें महसूस कि दुनिया बड़ी ख़राब है, कौन है सच्चा कौन है झूठा, हर चेहरे पे नक़ाब है, ज़रा सोचो ज़रा समझो ज़रा संभल के रहियो जी ।

    Liked by 1 person

    1. आपने कविता के मर्म को समझा हैं. ऐसी ही बात हैं , लोग ज्यादा सोचना नहीँ चाहते हैं. बहुत धन्यवाद जितेंद्र जी. आपके हौसला अफजाई का अनोखा तरीक अच्छा लगा.

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