गुस्से की कड़ी Chain of anger #understandyourbehavior / #अपने व्यवहार को समझें

अक्सर ऐसा होता है,  हम बहुत सी छोटी -बड़ी बातों पर नाराज होते रहते हैं।
गुस्सा या आक्रोश भी एक तरह का एनर्जी है, जैसे विज्ञान में एनर्जी रूप बदल
लेती है पर खत्म नहीं होती है। ठीक इसी तरह गुस्सा भी जल्दी खत्म नहीं होता है।
इसकी कडी आगे बढ़ते रहती है। अगर हम  किसी एक व्यक्ति पर गुस्सा करते हैं,
तब वह आगे किसी और पर अपना गुस्सा निकालता है। और यह कड़ी कब तक
चलती रहती है जब तक कि कोई अपने गुस्से को कंट्रोल नहीं करता है, और

शांति से इस  बात को  नहीं संभालता  है।
गुस्से को शांति से संभालना तभी संभव है  जब हमारे- आपके अंदर खुशी हो
और आपका मन शांत हो।  किसी तरह की नाराजगी, परेशानी, आक्रोश या
चिंता से आप व्यथित न हो।

पर इसका यह मतलब नहीं है कि जिंदगी में कोई परेशानी ना हो।  जिंदगी की
परेशानियों के साथ शांत और खुश रहना सीखना जरूरी है।

खुशी अौर शांति दोनो बनाये रखने का  मेरी नजर में बस एक ही उपाय है वह
अौर  आपका अपना मन !! उसे समझे अौर अपना व्यवहार /मनोविज्ञान  को समझें ।
हाँ  एक अौर भी रास्ता है, वह है अध्यात्म या योग से  अपने पर नियंत्रित रखना 
अौर खुश  रहना सीख सकते हैं.

 

 

Image courtesy internet.

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27 thoughts on “गुस्से की कड़ी Chain of anger #understandyourbehavior / #अपने व्यवहार को समझें

  1. Hello Rekha ji , मै आपकी बातों से पूरी तरह से सहमत हूँ, लेकिन अपने विचार लिखने से अपने आपको रोक नही पायी ,जरूरी बात ये होती है कि आपकी नाराजगी छोटी बात पर है या बड़ी बात पर कहीं कोई ऐसी बात तो नही है कि जिससे किसी व्यक्ति या उसके पूरे परिवार के सम्मान पर आँच आ रही है।मै मनोविज्ञान की छात्रा तो नही रही हूँ, विज्ञान की छात्रा होने के साथ-साथ व्यवहारिक हूँ इसलिये मनोविज्ञान भी समझने की कोशिश करती हूँ ।अपना आक्रोश दिखाना सही है ,लेकिन उसमे डूबना कत्तई सही नही है।हमेशा व्यक्ति को अपने सम्मान की रक्षा करनी चाहिये सकारात्मक तरीके से ।शायद आप मेरे विचार से सहमत होंगी ।योग तो अपने व्यवहार को सकारात्मक रखने का सबसे बड़ा माध्यम है😊

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    1. आप के विचार बिलकुल सुलझे हुए है. सच बात तो यह है की मनोविज्ञान भी व्यवहारिक बातों पर जोर देता है. आपका कॉमेंट मुझे बहुत पसंद आया. धन्यवाद !!

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  2. बहुत अच्छा पोस्ट… मुझे गुस्से के बारे में ज्यादा तो नहीं पता(गुस्से से कभी गुफ़्तगू नहीं हुई) पर कुछ लोगों को गुस्सा दिलाना मुझे बड़ा पसंद है 😊 गुस्सा भी 2 प्रकार का होता है एक जी प्यार दर्शाता है एक आपकी नफरत का पर्यायवाची होता है.. प्यार वाला गुस्सा करने वाले और सहने वाले दोनों के लिए अच्छा होता है.. रिश्ते और मजबूत होते हैं जब एहसास होता है कोई हम पर हक़ जताता है.. और नफरत वाला गुस्सा सिर्फ दो नहीं अपितु संपूर्ण जगत पर दुष्प्रभाव डालता है.. जैसे की आपने कहा एनर्जी रूप बदलती है.. तो जब यही एनर्जी जब वातावरण में फैलती है तो उसका प्रभाव सब पर पड़ता है.. चाहे उस गुस्से को दर्शाया गया हो या न दर्शाया गया हो

    बाकी इसी तरह के पोस्ट करते रहिए.. सोचना.. सीखना… समझना.. और अपने विचारों को रखना भी एक अलग अनुभव है 😊💐💐

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    1. वाह ! आपने तो नाराजगी का एक नया आयाम दिखा दिया 2 तरह के गुस्से की बात लिख कर. आपकी बात ठीक है. एक गुस्से में प्यार छुपा होता है दूसरे में नफरत.
      बहुत शुक्रिया अपने खूबसुरत विचार बताने और पोस्ट पढ़ने के लिये.

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