प्रतिबिंब अौर अक्स -कविता Reflection-poetry

The beauty you see in others, Is a reflection of you!!!

मन में उमड़ते-घुमड़ते कविता को,

जब पन्नों पर उतारना चाहा ।

शब्दों के माया जाल  ने उलझा लिया।

ढूंढते-ढूंढते जब शब्द हाथ लगे।

तब तक कविता न जाने कहां खो गई थी।

कुछ पंक्तियां जो याद रह गईं हैं  वे यहां है –

आप दूसरों में जो सुंदरता देखते हैं,

वह आप का हीं प्रतिबिंब अौर अक्स है !!!!!!

Image from internet.

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46 thoughts on “प्रतिबिंब अौर अक्स -कविता Reflection-poetry

    1. हाँ , इस कविता की कुछ पंक्तियाँ लिखने से पहले ही खो गई , जितना याद रहा लिख दिया. तारीफ के लिये धन्यवाद. 😊😊

      Liked by 1 person

    1. हाँ , काम में busy रहने पर यह अक्सर होता है. इसलिये मन में कुछ ख्याल आते लिख लेना अच्छा होता है.😊😊

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