Writer’s block

Writer’s block

Writing is an emotional  process along with  creativity.  While writing , Sometimes we feel stuck. This is a common problem. Every writer faces writer’s block at some point of time. This is a  condition of being unable to think of what to write or how to proceed with writing?

How to Deal With writers’ Block-

  1. Make a habit of reading and  writing in a disciplined way.

2.  Always take  break.

3. Practice writing.

4. If possible, try ‘free writing’ practice.

5. If there is self-doubt or dilemma at the time of writing, consult a writer or friend    who may guide you.

 

 

 

फ्री राईटिंग अभ्यास Free Writing Practice

एक ‘फ्री राईटिंग’ अभ्यास (CHARMAZ, 2006 )
यदि आप लेखक ब्लॉक से प्रभावित हो रहे हैं या अपने विचारों के साथ संघर्ष कर रहे हैं,  या लेखन सीखना चाहते हैं, तब इन दिशानिर्देशों का पालन करते  सकते हैं। यह काम हर दिन किसी एक हीं समय पर  किया जाय , तब इसका ज्यादा लाभ होगा।

1. दस मिनट के लिए जो कुछ भी दिमाग आता है  उसे लिखें
2. खुद के लिए लिखें ( पढ़नेवालों के लिए नहीं लिखें);
3. इस समय व्याकरण, वाक्य संरचना और संगठन के बारे में चिंता नहीं करें;
4. अपने आप को कुछ भी लिखने की अनुमति दें;
5. जितनी जल्दी हो सके लिखें;
6.   ऐसे लिखें जैसे आप बात कर रहे हैं (अपने आप से)।

लेखक ब्लॉक- क्या लिखें ?? कैसे लिखें?? writer’s block

 

 

लेखक ब्लॉक

 लेखन रचनात्मकता के साथ-साथ एक भावनात्मक प्रक्रिया है। जो बहुत सी भावनाओं को जगाता अौर हमें उन में  उलझाता है। लिखते की कोशिश में , कभी-कभी हम अटक जाते हैं।   क्या लिखना है या कैसे आगे बढ़ना है?  इसके बारे में सोचने में असमर्थ होने लगते  है। यह एक आम समस्या है । इस लेखन  ब्लॉक का सामना प्रत्येक लेखक, लेखिका कभी ना कभी  करते हैं।

लेखक ब्लॉक से कैसे निपटें

  1. जो पसंद आए पढ़ें अौर  अनुशासनपुर्ण लिखने की आदत बनाये।

2.   ब्रेक जरुर लें।

3. लिखने का अभ्यास करें।

4.  हो सके तो ‘फ्री राईटिंग’ अभ्यास जरुर करें।

5. लिखने के समय  आत्म-संदेह या दुविधा होने पर किसी   लेखक या मित्र से सलाह लें जो आपका उचित मार्गदर्शन करे।

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Images from internet.

 

जिंदगी के रंग -कविता 9

Female weeper / weeping woman / professional mourners – In some part of Rajasthan, India, women (of a specific caste ) are hired as professional mourners . They are know as “rudaali” /female weeper/ weeping woman . Their job is to publicly express grief for family members who are not permitted to display emotion due to social status.

कुछ लोग हँस कर ,

और कुछ हँसा कर

कमाते हैं.

कुछ लोग रो कर (रुदाली )

और कुछ लोगों को रुला कर.

रुलाने वाले क्या जवाब देंगे ?

जब

ऊपर वाला उनसे पूछेगा –

उन्होंने क्या कमाया ?

राजस्थान में कुछ स्थानों पर ऐसी प्रथा हैं. जिसमें सम्पन्न परिवारों में रो कर मातम मानने के लिये रुदाली ( जाति विशेष की महिलायें ) बुलायी जाती हैं.

Source: जिंदगी के रंग -कविता 9