राहें -कविता

We are stars wrapped in skin,
The light you are seeking has always been within.
~ Rumi

जिंदगी की राहें  सड़कों की तरह  कभी खत्म नहीं होती है,

मंजिल की दूरी से ङरने से अच्छा है, 

एक -एक कदम उठा कर  चलते जाना।

जब लगे, सारे रास्ते बंद हैं,  शुन्य से भी शुरु करने में भी क्या हर्ज़ है?

सफेद पन्ने पर फिर से जो चाहे लिखने का मौका  मिला है।

बस अपने अंदर की आग को जलते रहने देना है। 

जब किसी बात से हमारे कदम लङखङा जाते हैं, यह कविता  उस वक्त के  लिये है। पर विशष कर

उन बच्चों को समर्पित है, जिन्हों ने परीक्षा में अपने मन लायक सफलता – उपलब्धि नहीं पाई है। 

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