जिंदगी के रंग -68

कौन हो तुम सब ?

धुँधली आकृति ने कहा –

इतनी जल्दी भूल गए ?

मैं तुम्हारा बीता  कल हूँ .

कल तुम्हारा अनमोल आज था .

दूसरे ने कहा मैं तुम्हारा आज हूँ

कल जिसे तुम ,

आने वाला कल मानकर

स्वागत की तैयारी में थे .

और यह तुम्हारा आनेवाला कल है

जो जल्दी ही हमारी तरह बीत जाएगा .

यह तो जीवन चक्र है

आना जाना सृष्टि का नियम है .

हँस कर जी लो ज़िंदगी को ,

जी भर कर ,