जीवन के रंग -74

रेशम के रेशमी शकुन अौ एहसास

में लिपटे रेशम कीट,

ककुन में अपने को

महफ़ूज़ मान

भूल जाते है

अपने क्षण भंगुर जीवन को .

वैसे हीं जैसे हम अपने

काली सफ़ेद ख़ंजन नयनों

में भरे रंगीन सपने में डूब

भूल जाते है

जीवन की नश्वरता को.

सिल्क धागा निकालने के लिए अंडाकार ककुन , जिसके अंदर जीवित सिल्क कीट होते है , उसे गर्म पानी में उबाला जाता है .

Cocoons are collected, which are single-shelled and oval in shape, and are then boiledto extract the silk yarn from it. The cocoons are boiled with the living larvae / silk worm still inside.

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अपनेपन का अहसास

यूं तो जिंदगी में आवाज देने वाले,

ढेरों मिल जायेंगे …….

लेकिन बैठिए वहीं,जहां

अपनेपन का अहसास हो…..

Unknown

शाम

शाम की शाम

ढलती हँस रही है ,

ज़िंदगी गुज़रती ,

हँस रही है .

पर क्या है

जो अधूरा है ?

क्या तृष्णा है ?

दिल की बेचैनी

क्या खोज रही है ?