ज़िंदगी के रंग-91

हम किसी का हिस्सा बन गए ,

पर सामने वाले ने

जाना हीं नहीं ….

माना हीं नहीं ….

सवालों भरी इस

राह पर

गर ये कहे कि,

मेरे सवालों का

जवाब तुम हो .

तो भी क्या फ़ायदा ?