ज़िंदगी के रंग -137

लहरें टूट कर बिखरने पर दुगने जोश के साथ आतीं हैं………

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हौसला और मुस्कान के साथ

गिरना और गिर कर उठना

कितनों को आता है ?

लहरों को देखो ,

हर बार गिर कर ,

टूट कर बिखरने पर भी

दुगने जोश के साथ आतीं हैं.

बिना गिरे हीं हम

चलना सीख नहीं सकते .

जीवन में लगी हर ठोकर ,

हर चोट कुछ ना कुछ

सीख दे कर जाती है .

चलना सीखा जातीं हैं.

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