फ्लिपकार्ट का खुला ख़त, आपके नाम

हैलो मित्रों,

आप हैरान हैं ना? फोन अौर ई-मेल के जमाने में यह पत्र ? यह पत्र हमारी दोस्ती के नाम है। हम अौर आप तो अक्सर मिलते रहते हैं – हमारे साइबर बाजार अौर ऑनलाइन शॉपिंग फेस्टिवल में। आप यह तो मानेंगें ना कि मैनैं ई-कॉमर्स के जरिेये आपकी जिंदगी को काफी सरल बना दिया है। आप सब घर बैठ बङे आराम से शॉपिंग का मज़ा लेते हैं। वह भी वाजिब अौर प्रतिस्पर्धात्मक दाम में।

मैंनें इसी सिलसिले को बढ़ाने अौर कुछ खास बातें बताने के लिये यह चिट्ठी आपको लिखी है। जिससे हमारा संबंध अौर व्यक्तिगत अौर अपनापन भरा हो जाये। मैं ने आप सबों के लिये पुस्तकों की ऑनलाइन खरीद-बिक्री से शुरू कर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से ले कर आपके जरुरत की सारे सामग्री उपलब्ध करवाये हैं, वह भी आपके द्वार पर।

जो अब मैं आपको जो बताने जा रहा हूँ , उसे जान कर आप को तेज़ रफ़्तार दौड़ती दुनिया अौर वक़्त की कमी की शिकायत नही रह जायेगी । आप सब तो स्मार्ट हैं ही, इसलिये स्मार्ट उपकरणों या स्मार्ट डिवाइसों से लैस जीवन शैली के कुछ सरल गुर बता रहा हूँ। तेजी से दौङती दुनिया आगे जा रही है। आप इसके साथ कदम मिला कर चल सकें। इसलिये मैं आपके लिये जानकारियाँ लाया हूँ – फ्लिपकार्ट स्मार्ट उत्पाद #गेटफिटविथफ्लिपकार्ट अौर #स्मार्टहोमरेवल्युशन ।  यह आपको वैज्ञानिक तकनीक, बेहतर स्वास्थ्य, जागरूकता, मनोरंजन, सुरक्षा और समृद्धि पुर्ण जीवनशैली देगा। यह एक तरह की क्रांति या अलादिन का चिराग हीं है।

मानव की पाषाण युग से आज के, सूचना युग या कंप्यूटर डिजिटल या न्यू मीडिया युग की यात्रा बङी लम्बी अौर कठिन रही है। आपके बचपन से आज तक हीं ना जाने कितने बदलाव अौर जीवन के ऊतार-चढ़ाव देखें हैं। फिर क्यों ना हम सभी आज की सुख सुविधाअों का पूरा फायदा उठाएँ?

आज मैंनें आपके करतल पर सारे स्मार्ट साधन रख दिया है। चाहें तो स्मार्ट वॉच से अपने स्वास्थ अौर फिटनेस को ट्रैक करें। स्मार्ट परिधान  पहन कर आरामदेह महसूस करें या  स्मार्ट घर में खुल जा सिम सिम वाले अंदाज में एक क्लिक में सारे कार्यों को आसान बना आराम अौर शान से रहें। मेरे दोस्तों, आप सब अपने चिराग-ऐ- रौशनी यानि बिजली की बर्बादी अौर खर्च भी स्मार्ट लाइट से नियंत्रित कर सकते हैं।

स्मार्ट होम – यह वाईफाई से व मोबाइल ऐप के जरिये आपके म्यूजिक, लिंक्ड कैलेंडर से रिमाइंडर्स, अपॉइंटमेंट्स चेक, रौशनी, स्मार्ट स्पीकर, वॉयस कमांङ, कैमरे से घर की लाइव फीड, स्लीप मोड यानि आपकी नींद की गुणवत्ता और मात्रा, हृदय गति को ट्रैक करता है। आप चाहें तो यह पहले के डेटा को जमा कर विस्तृत विश्लेषण दे सकता है। यह रात्रि दृष्टि या रात मे भी जानकारियाँ दिखाने में सक्षम होता है। गुगल होम आपके फोन के ड्रॉपबॉक्स को कैमरे के साथ जोङ अापके फोन की तस्वीर आपके घर के पीसी पर दिखा सकता है। फोन से लिंक हो आपके दिन भर के भोजन, पानी, कैलोरी की मात्रा बता सकता है। उचित मात्रा में पानी पीने का निर्देश दे सकता है। फिड्टनेस बैंड, आपको सक्रिय रहने की याद दिला सकता है। यह सूची बङी लंबी है। विशेष बात यह है कि इन सब के लिये सिर्फ एक स्मार्टफोन और एक वाईफाई कनेक्शन की आवश्यकता होती है।

नये गैजेट को परिवर्तन या चेंज समझ घबरायें नहीं। ये गैजेट्स हमारे साथी हैं। ये बेहद मैत्रीपूर्ण या यूजर फ्रेंडली हैं। याद है पहले पहल कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन से आप कितना घबराये थे। पर आज आप उनके बिना रह नहीं सकते। ये भी आपका जीवन आसान और मज़ेदार बना देगें। आप इन गैजेट्स के प्रशंसक बन जायेंगें।

देखिये मेरे सुपर स्मार्ट दोस्तों, मैं आपके घरों को स्मार्ट बनाने के सारे टिप्स दे दिये हैं। बस अब आप इन्हें लाअो, विस्तृत विविधता आजमाअो अौर अपने मजेदार अनुभव मुझसे अौर मित्रों से बाँटो। आपका स्वागत है स्मार्ट वर्ल्ड में ! नव वर्ष की शुभकामनाएँ !!

आपके उत्तर के इंतज़ार में,

आपका अपना मित्र

फ्लिपकार्ट GetFitWithFlipkart and SmartHomeRevolution

Images Courtesy : Google search & http://www.flipkart.com

#GetFitWithFlipkart and #SmartHomeRevolution






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बिना ग़लती की सज़ा

ना जाने क्यों कभी कभी

किसी दिन

यादें बड़ी बेदर्द हो जातीं हैं.

बार बार कर यातनाएं दे जातीं  हैं।

जब लगता है,

शायद अब सब ठीक है।

तभी ना जाने कहाँ से एक छोटी सी

सुराख़ बना, यादों की  कड़ी…….जंजीर बन जाती है।

बिना ग़लती की सज़ा दे जाती हैं.

साँसे बचाए रखना

सागर पार से कितनी आवाज़ें दीं-

इंतज़ार करना…..

साँसे बचाए रखना .

शमा जलाए रखना ,

आस बनाए रखना .

गहराई और अथाह जल…….

लहरों का सैलाब ,

सागर में ज़्यादा था

या

आँखों से बहते

आँसुओं के लहरों में.

कुछ समझ नहीं आया .

बहते दर्द के सैलाब से धुँधली आँखें

कुछ देख नहीं पाई.

और इंतज़ार बस इंतज़ार रह गया …….

ये आँखे जलती क्यों हैं?

सारी सारी रात जागते रहे.

सहर उतर आई आँखों में ,

उगते सूरज की लाली ले कर .

समझ नहीं आया

ये आँखे जलती क्यों हैं?

अधूरी नींद से भरी पलकों से ?

पलकों और आँखों तक

बह आए नमकीन पसीने की बूँदो से ?

या अपने हीं नमकीन आँसुओं की नमी से ?

सिंदूरी लाल आँखें

शाम के सूरज सी लगती है.

सहर – सवेरा ,

Rules of love – Rule 35

In this world, it is not similarities or regularities that take us a step forward, but blunt opposites.

And all the opposites in the universe are present within each and every one of us.

Therefore the believer needs to meet the unbeliever residing within.

And the nonbeliever should get to know the silent faithful in him.

Until the day one reaches the stage of Insane-I Kamil, the perfect human being, faith is a gradual process and one that necessitates its seeming opposite: disbelief.

Shams Tabriz spiritual instructor of  Rumi ❤️❤️