सितारों

कहाँ खो गए , जैसे खो जातें हैं

रात के सितारे सवेरे की रोशनी में .

दर्द   टूट के बिखरा था मेरी आँखो से

टूटते तारों की तरह .

दर्द के सागर के बीच,

दिल की कसक में रह गई,

ख्वाहिशे …..शिकायत ……

आख़िर में ना मिल पाने की .

जीवन के रंग – 115

शक और विश्वास जीवन के हिस्सें हैं.

शक ख़ुशहाल मन में भी

भय का अंधकार भर देता हैं.

विश्वास जीवन के भय भरे पलों में भी

ख़ुशियाँ और शकुन ला देता है.