जिंदगी के रंग -118

दूसरे को तोङने की कोशिश में जिंदगी निकल जायेगी।

कभी जोङने की कोशिश भी करनी चाहिये।

वरना ऊपर वाला भी अगर जोङ-तोङ पर आ गया तब क्या होगा?

कुछ समंदर का भंवर देखना था…

Reblogged, Posted by Neeraj Kumar at 9:44 AM Monday, January 28, 2019

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कुछ समंदर का भंवर देखना था,
कुछ मुक़द्दर का असर देखना था I

कुछ तूफान का क़हर देखना था,
कुछ अपमान का ज़हर देखना था I

कुछ प्रस्तर में अंकुर देखना था,
कुछ जलधर का शरर देखना था I

कुछ सपनों में अग्यार देखना था,
कुछ अपनो में अहंकार देखना था I
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शरर : चिंगारी
अग्यार : अजनबी
जलधर : बादलप्रस्तर : पत्थर

 

 

रूहानियत

स्पर्श मणि, Philosopher’s Stone, परुसवेदी या पारस पत्थर एक पहेली, एक रहस्य है। पारस पत्थर के बारे में यह मान्यता है कि इस पत्थर से स्पर्श कर लोहा सोना बन जाता है। यह काले रंग का सुगन्धित, दुर्लभ व बहुमूल्य पाषाण है।

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जैसे छू  गया पारस लोहे को,

सोना बना गया।

चाहत है,  वैसे हीं रूहानियत-आध्यात्मिक  पारस

छू जाए दिल को

स्वर्ण बना जाए.