ज़िंदगी के रंग -126

कभी कभी लगता है ज़िंदगी रुक गई है.

वक़्त थम सा गया हैं.

सागर की लहरें जम सी गईं हैं.

कभी कभी सचमुच लहरें जम ज़ाती हैं.

उसमें जीवन रुक कर थम जाता है.

प्रकृति का यह खेल है अद्भुत पर दर्दनाक.

CAPTION CALL! What can we say about this unusual photo from two winters ago? It is fish frozen to death in a 4-foot wall of ice at South Dakota’s Lake Andes National Wildlife Refuge.

Photo by Kelly Preheim.

https://www.google.co.in/amp/s/www.aol.com/amp/2017/01/17/photo-of-fish-frozen-in-wave-blows-up-social-media/

दर्द

सावन में बादलों से बाहर झाँकतेसूरज,

सर्द मौसम में खिली धूप

जैसी नज़ीर- मिसाल, बनो

दर्द , दुख, आघात के बाद

रौशनी अपने आप जलती है दिल  में.

बहकते मौसम….जुनून के जलते बुझते

रौशनी की तरह.