अंतर्मन की यात्रा

प्रश्न हीं प्रश्न है, उत्तर चाहिए .

अपने अंतर्मन …अपने अंदर ….

की यात्रा कैसे करें ?

भूत-भविष्य-वर्तमान में उलझे

दिल को कैसे समझाएँ ?

दुनियवी मोह-माया में भटकते

मन को कैसे वापस लाएँ ?

बादलों के पार सितारों के

पास से आवाज़ आई –

शांत …मौन ….बस मौन हो जाओ.

सुनो ध्यान से , अपने अंतरात्मा की आवाज़.

वह आवाज़ जो सिर्फ़ तुम सुन सकते हो .

वह राह दिखाएगी.

17 thoughts on “अंतर्मन की यात्रा

  1. सुनो ध्यान से , अपने अंतरात्मा की आवाज़.
    वह आवाज़ जो सिर्फ़ तुम सुन सकते हो .
    वह राह दिखाएगी.

    Wah!!

    Liked by 2 people

    1. बिलकुल सही. ना हम अपने साथ समय बिताते हैं ना अपनी बातें सुन पाते हैं. शुक्रिया मधुसूदन.

      Liked by 1 person

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