क्या आप जानते हैं ? मृत सागर मर रहा है !!

मृत सागर में कोई डूब नहीं सकता. दुनिया के महासागरों की तुलना में 8 से 9 गुना अधिक नमकीन है. 

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मृत सागर समुद्र तल से 418 मीटर नीचे, दुनिया का सबसे निचला बिंदु कहा जाने वाला सागर है। इसे खारे पानी की सबसे निचली झील भी कहा जाता है। ६५ किलोमीटर लंबा और १८ किलोमीटर चौड़ा यह सागर अपने उच्च घनत्व के लिए जाना जाता है, जिससे तैराकों का डूबना असंभव होता है।

 मृत सागर में मुख्यत: जॉर्डन नदी और अन्य छोटी नदियाँ आकर गिरती हैं।, इसमें जीवाणुओं की ११ जातियाँ पाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त मृत सागर में प्रचुर मात्रा में खनिज पाए जाते हैं। ये खनिज पदार्थ वातावरण के साथ मिल कर स्वास्थ्य के लिए लाभदायक वातावरण बनाते हैं। मृत सागर अपनी विलक्षणताओं के लिए कम से कम चौथी सदी से जाना जाता रहा है, जब विशेष नावों द्वारा इसकी सतह से शिलाजीत निकालकर मिस्रवासियों को बेचा जाता था। यह चीजों को सड़ने से बचाने, सुगंधित करने के अलावा अन्य दूसरे कार्यों के उपयोग में आता था। इसके अतिरिक्त मृत सागर के अंदर की गीली मिट्टी को क्लेयोपेट्रा की खूबसूरती के राज से भी जोड़ा जाता है। यहाँ तक कि अरस्तू ने भी इस सागर के भौतिक गुणों का जिक्र किया है। हाल के समय में इस जगह को हेल्थ रिज़ॉर्ट के तौर पर विकसित किया गया है।



 

Image courtesy- NASA, Informations- Wikipedia.

 

 

do you know ?

Dead Sea is dying / drying: A new low-point for Earth

About this sound

The Dead Sea ,  Sea of Salt is a salt lake bordered by Jordan to the east and Israel and the West Bank to the west. It lies in the Jordan Rift Valley, and its main tributary is the Jordan River.

Its surface and shores are 430.5 metres (1,412 ft) below sea level, Earth’s lowest elevation on land. It is 304 m (997 ft) deep, the deepest hypersaline lake in the world. With a salinity of 342 g/kg, or 34.2% (in 2011), it is one of the world’s saltiest bodies of water[ – 9.6 times as salty as the ocean – and has a density of 1.24 kg/litre, which makes swimming similar to floating.[8][9] This salinity makes for a harsh environment in which plants and animals cannot flourish, hence its name. The Dead Sea’s main, northern basin is 50 kilometres (31 mi) long and 15 kilometres (9 mi) wide at its widest point

About this sound

Image courtesy- NASA , Content – Wikipedia

ज़िंदगी के रंग

नीचे एक सरल चित्र है, लेकिन बहुत ही गहरे अर्थ के साथ।

आदमी को पता नहीं है कि नीचे सांप है और महिला को नहीं पता है कि आदमी भी किसी पत्थर से दबा हुआ है।

महिला सोचती है: “मैं गिरने वाली हूँ! और मैं नहीं चढ़ सकती क्योंकि साँप मुझे काटने वाला है।”

आदमी थोड़ा अधिक ताक़त का उपयोग करके मुझे ऊपर क्यों नहीं खींच सकता है! ”

आदमी सोचता है: “मैं बहुत दर्द में हूँ! फिर भी मैं अभी भी आपको उतना ही खींच रहा हूँ जितना मैं कर सकते हूँ!सामने वाला खुद कोशिश क्यों नहीं करता और थोड़ा कठिन चढ़ाई को पार कर लेता?”

नैतिकता: आप उस दबाव को देख नहीं सकते जो सामने वाला झेल रहा है, और ठीक उसी तरह सामने वाला भी उस दर्द को नहीं देख सकता जिसमें आप हैं।

यह जीवन है, भले ही यह काम, परिवार, भावनाओं, दोस्तों, परिवार के साथ हो, आपको एक-दूसरे को समझने की कोशिश करनी चाहिए, अलग-अलग सोचना, एक-दूसरे के बारे में सोचना और बेहतर तालमेल बिठाना चाहिए।

हर कोई अपने जीवन में अपनी लड़ाई लड़ रहा है और सबके अपने अपने दुख हैं इसीलिए कम से कम हम जब सभी अपनों से मिलते हैं तब एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करने के बजाय एक दूसरे को प्यार, स्नेह और साथ रहने की खुशी का एहसास दें, जीवन की इस यात्रा को लड़ने की बजाय प्यार और भरोसे से आसानी से पार किया जा सकता है।

Forwarded as received

जिन्दगी के रंग- 134

You have to keep breaking your heart until it opens – Rumi ❤

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हमने पूछा नहीं तुमसे, ए जिंदगी !

कितने …..अभी और कितने इम्तिहान लोगी?

बस देते गए, देते हीं गए।

रास्ते बदलते रहे, परीक्षाएं बदलती रही।

तुम देखना क्या चाहती हो ? टूटे या नहीं टूटे ?

तुमसे कभी पूछा नहीं……….

अभी और कितने पङाव बाकी है,

कितनी परीक्षाएँ बाकी है ?

 

Image courtesy – Chandni Sahay.