जिन्दगी के रंग- 134

You have to keep breaking your heart until it opens – Rumi ❤

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हमने पूछा नहीं तुमसे, ए जिंदगी !

कितने …..अभी और कितने इम्तिहान लोगी?

बस देते गए, देते हीं गए।

रास्ते बदलते रहे, परीक्षाएं बदलती रही।

तुम देखना क्या चाहती हो ? टूटे या नहीं टूटे ?

तुमसे कभी पूछा नहीं……….

अभी और कितने पङाव बाकी है,

कितनी परीक्षाएँ बाकी है ?

 

Image courtesy – Chandni Sahay.

10 thoughts on “जिन्दगी के रंग- 134

    1. बिलकुल सही . जब तक आसान परीक्षाएँ होती हैं, तब तक तो ठीक है . पर जब कुछ बेहद कठिन समय या परीक्षा सामने आती है तब ……कुछ समझ नहीं आने लगता है.

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