नज़रें

नज़रों में हीं प्यार नफ़रत सब दिखते हैं.

एक ही नज़र काफ़ी होती है.

चाहें तो नज़रों से दिल में उतर जाए.

या जलती नज़रों से किसी का दिल जला दे .