Minor’s eyes gouged out, hands crushed over Rs 5,000-loan dispute in Aligarh

बर्बरता और क्रूरता की इंतिहा हो गई .

किसी की आँखों का मोल नहीं है

किसी के जीवन का मूल्य नहीं .

मासूमियत भी नज़र नहीं आई .

है अनमोल सिर्फ़ अपनी दुश्मनी, 5 हज़ार

रुपये और अपनी हैवानियत !!!

https://www.google.co.in/amp/s/www.indiatoday.in/amp/crime/story/crime-uttar-pradesh-aligarh-minor-girl-brutal-murder-1543753-2019-06-06

ज़िंदगी के रंग – 161

ज़िंदगी भी कुछ अजीब अजीब सी है।

रोज़ नए रंग दिखाती है।

कल्पना को हक़ीक़त बनते बहुत बार देखा होगा।

हमने तो हक़ीक़त को कल्पना कहते भी सुना है !!

11,000 kg garbage, four dead bodies removed from Mt Everest in two-month long cleanliness drive

पृथ्वी को हमने डस्टबीन बना दिया ,

दिल नहीं भरा है तब सागर की ओर मुड़ गए .

फिर भी तसल्ली नहीं हुई तो

एवरेस्ट का भी यह हाल कर दिया .

हद है स्वार्थ परस्ता और नासमझी की.

https://www.google.co.in/amp/s/www.indiatoday.in/amp/world/story/11-000-kg-garbage-four-dead-bodies-removed-from-mt-everest-in-two-month-long-cleanliness-drive-1543470-2019-06-06

फिक्र

अगर तुमने ही ख़बर नहीं तुम्हारी.

तब किसे फिक्र होगी ?

बहते आँसुओं को कौन आता है पहले पोंछने ?

क्या पहले अपनी ही उंगलियां…..

उलटी हथेली नहीं उठती ?

अनजाने में, अपने आप ?

गालों पर बह आए

आँखों को धुँधला कर गए ,

अश्रुओं को हटाने?

करो……..

फ़िक्र करो अपनी .

अपना ख़्याल….अपनी क़द्र करो ,

सिर्फ़ सहानुभूति मत बटोरो ,

तभी लोग भी क़द्र करेंगे !!!