ज़िंदगी के रंग – 166

ये ज़िंदगी रोज़ नए सबक़ लेकर सामने आती है.

परेशानियों , उलझनों में उलझाती है .

कुछ ना कुछ सबक़ दिए जाती है.

क्योंकि

यह ज़िंदगी हम से प्यार करती है।

तवज्जो

मशरूफ रहने का अंदाज़ 

तुम्हें तनहा ना कर दे ग़ालिब.

रिश्ते फुर्सत के नहीं ,

तवज्जो के मोहताज़ होते हैं.

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शब्दार्थ

मशरूफव्यस्त, busy

तनहाअकेला , alone

तवज्जो महत्व attention