नीलगिरी का पेड़

क्या कभी देखा है नीलगिरी के

लंबे, पतले पेड़ों को ?

रिमझिम बारिश में, हवा में झूमते ?

जब यह अपने ऊपर पड़े छाल को

साँप के केंचुली सा उतार

संगेमरमर सी सफ़्फ़क चिकनी

यूकिलिपटसी काया दमका

हवा में घोल देता हैभीनी-भीनी ख़ुश्बू .

तब लगता है जैसे

कनक छड़ी सी कोई नृत्य प्रवीण नार

दुनिया से बेख़बर

झूम रही है अपने आप में मग्न .

देखा है हम ने नीलगिरी को झूमते- झुलते वृक्ष

अपने वातायन से और कई जगह,

दक्षिण भारत के नीलगिरि पर्वत पर…,,

संगेमरमर के ताज सा शान से खड़े

यूकिलिप्टस को देखना अच्छा लगता है।

नीलगिरी (यूकेलिप्टस) मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया , तस्मानिया , भारत, अफ्रीका और दक्षिणी यूरोप में नीलगिरी के पौधों की खेती की जाती है। यह पेड़ काफी लंबा और पतला होता है। इसकी पत्तियों से प्राप्त होने वाले तेल का उपयोग औषघि और अन्य रूप में किया जाता है।पेड़ो की कागज बनाने और चमड़ा बनाने के काम में ता है. दक्षिण भारत में नीलगिरि पर्व पर भी यह बहुतायत में पाया जाता है.

Eucalyptus is a genus of over seven hundred species of flowering trees, shrubs or mallees in the myrtle family, Myrtaceae. Along with other genera in the tribe Eucalypteae, they are commonly known as eucalypts.