Posted in चंद पंक्तियाँ, hindi poem

दर्द भरे दिल पर बोझ

दर्द भरे दिल पर पङे बोझ को जब उठाया
बहुत से जाने पहचाने नाम नज़र आये।

जो शायद देखना चाहते थे….
तकलीफ देने से कितना दर्द होता है?

पर वे यह तो भूल गये कि
  चेहरे पर पङा नकाब भी तो सरक उनके असली चेहरे दिखा गया।

Advertisements
Posted in चंद पंक्तियाँ, hindi poem

गैरों पर भरोसा

अपनी तो आदत थी

गैरों पर भी यकीन करने की।

अपनों ने हीं सिखा दिया शक करना।

गैरों पर भरोसा किया होता,

तब शायद धोखे कम मिले होते..

Posted in चंद पंक्तियाँ, hindi poem

चोट के निशान

मन अौर दिल पर लगे,

हर चोट के निशान ने मुस्कुरा कर

ऊपरवाले को शुक्रिया कहा…..

जीवन के हर सबक, पीड़ा  अौर आघात के लिये

ये तमगे हैं, जिन्हों ने जीना सीखाया।

Posted in चंद पंक्तियाँ, hindi poem

जिंदगी के रंग – 43

ज़िंदगी मुझे

आज़माने की ज़िद ना कर।

तु इतनी ख़ूबसूरत है
कि

बन गई है जुनून  मेरी।

तु वह  आग है जो

जलाती है

और सिखाती भी है।

Posted in चंद पंक्तियाँ, hindi poem

जीवन के रंग – 42

हम सभी के पास

अपनी -अपनी कहानियाँ हैं…..

हम सब किसी ना किसी दौर से गुजरें हैं।

प्यार, नफरत, पसंद, नापसंद,

पछतावा दर्द , दुःख,  खुशी……

जो शायद दूसरे ना समझें।

यह सब तो जीवन के रंग हैं।

जो हमें तोङने के लिये नहीं

जोङने के लिये होते हैं।