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पत्थर

 

हम गलते-पीघलते नहीं ,
इसलिये 
पत्थर या पाषण कहते हो,
पर खास बात हैं कि
हम पल-पल बदलते नहीं।
अौर तो अौर, हम से
लगी ठोकरें क्या
तुम्हें कम सबक सिखाती हैं??

 

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आईना

 

आईना भी इस नासमझी पर

खुद से माफी नहीं मागँने देता।

कि खुद को दर्द क्यों पहुँचाना?

जमाना बैठा है इस काम के लिये।

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जिंदगी के रंग 24 – जंग

 

जंग अक्सर अपनों अौर करीबियों से लङी जाती हैं

महाभारत की कहानी में सुना था,

यही सच भी है……….

अब जिंदगी  के चक्रव्यूह से  जाना भी है ।