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गीता , कुरआन , बाइबल – कविता 

एक दिन ऊपर वाले ने कहा –

हर दिन कुछ ना कुछ

नये की कामना हैं तुम्हें.

कभी नया भगवान भी तो

आजमा कर देखो.

बहुत कुछ नया मिल जायेगा.

गीता और रामायण के बाद

आजकल कुरआन और बाइबल

पढ़ने लगी हूँ……

Source: गीता , कुरआन , बाइबल -कविता 

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राधाकृष्ण Radha-Krishna – Poem

The divine, eternal, and spiritual  love –  Krishna went to  Radha to bid his farewell before leaving Vrindavan. They spent a few minutes without a word. They knew each other’s feelings.  Words had little meaning to convey their love.

 

कान्हा ने राधा से पूछा, कहाँ है तु खोई-खोई?

क्यों तु  लग रही है  रोई-रोई  ?

राधा ने कहा —

कुछ रिश्ते भावनाअों -एहसासों मे ङूबे होते हैं।

इसलिए निर्दोष होते हैं …
 सुंदर होते हैं…… 
मैंने जितना तुम्हें  खोजा,
जितना अधिक जाना,
उतना  अौर पाना चाहा, पर पाया  नहीं !

कान्हा ने कहा – इसलिये क्योकिं,

अपने दिल में तो तुने झाँका हीं नहीं……

हर मंदिर में तु ही तो  होती है  मेरे साथ। 

 

राधा-कृष्ण के आध्यात्मिक रिश्ता अौर अलौकिक प्रेम की अनेकों कहानियाँ है। वृंदावन छोङने से पहले कान्हा, राधा से मिले। पर दोनों  कुछ नहीं  बोल रहे थे, बस चुप थे। पर मौन की भी अपनी एक भाषा होती है।

 

 

 

 

 

 

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बच्चे – मुक्तक

 

मंदिर के सामने  बच्चे खेल रहे थे,

मस्जिद के सामने लङने लगे।

चर्च के सामने झगङने लगे।

पर लोग हैरान थे, मुद्दा मंदिर, मस्जिद, चर्च नहीं 

एक नन्ही सी, हवा में लहराती पतंग क्यों है  ? ??

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आँसू अौर मुस्कान

 

कुछ हँस कर, कुछ रो कर झेलते हैं।

 दुःख सहने का अपना- अपना तरीका होता है।

क्या अच्छा हो, गर आँखों में आँसू  पर  होंठों पर मुस्कान हो।

 

 

Image from internet.

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आँसू और अफीम – कविता 

Opium addiction in Rajasthan, India : A social Issue —- Poppy flowers are very beautiful and delicate. Opium is produced from it. India is the only country , produces opium gum legally and one of very few countries that legally allows growing poppy to get opium for medicinal purpose.

But the negative aspect is – drug trafficking and opium addiction, As no. of opium users are increasing day by day, specially in Rajasthan.

पेड़ की छाया में बैठे पुरुषों की

अफीम की पिनक में डूबी मजलिस ने,

गुङगुङाते हुक्के का धुआँ उडाते हुए दूर ….. देखा………..

रंग बिरंगे , शीशे जड़े लहँगें-चोली में मीलों से

तपती रेत पर, ठंडे पानी के

घड़े एक पर एक रख

गाती गुनगुनाती औरतों को.

अौर कहा –

इन लुगाईयों के मजे तो देखो ,

गीत गा रहीं है , ना दिखता है

हम कब से भूखे बैठे है ……

पर क्या उन्हे दिखता है लुगाईयों के

गर्म रेत से पड़े पैरों के छालें

और चूल्हे की लकड़ी से उठे धुयें से आये आँसू ???

फ़िर भी …..

वे पॉपी के फूलों सी नाजुक अौरतें

गाती गुनगुनाती रहती है …..

R w

राजस्थान, भारत में अफीम की लत: एक सामाजिक मुद्दा है —-पॉपी के फूल बङे नाजुक अौर सुंदर होते हैं। इससे अफिम तैयार किया जाता है।   भारत एकमात्र ऐसा  देश है जो कानूनी तौर पर अफीम गम का उत्पादन करता है । यह उन गिनती के  देशों में से एक है, जो कानूनी रूप से औषधीय उद्देश्य के लिए  अफीम प्राप्त करने के  लिये पॉपी की  खेती की अनुमति देता है।

लेकिन नकारात्मक पहलू है – अफीम की तस्करी और  दिन पर दिन   नशेङियोँ कि संख्या में वृद्धि।

 

Source: आँसू और अफीम – कविता 

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कन्या पूजन ( कविता )

मेरी पाँच कविताएँ / My 5 Poems Published in She The Shakti, Anthology– POEM 5

 

नवरात्रि की अष्टमी तिथि ,
प्रौढ़ होते, धनवान दम्पति ,
अपनी दरिद्र काम वालियों
की पुत्रियों के चरण
अपने कर कमलों से
प्यार से प्रक्षालन कर रहे थे.

अचरज से कोई पूछ बैठा ,
यह क्या कर रहें हैं आप दोनों ?

अश्रुपूर्ण नत नयनों से कहा –
“काश, हमारी भी प्यारी संतान होती.”
सब कुछ है हमारे पास ,
बस एक यही कमी है ,

एक ठंडी आह के साथ कहा –
प्रायश्चित कर रहें है ,
आती हुई लक्ष्मी को
गर्भ से ही वापस लौटाने का.

Source: कन्या पूजन ( कविता )

Image – Sundarban temple,

by Rekha Sahay.

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तरीके और हथियार ( कविता )

मेरी पाँच कविताएँ / My 5 Poems Published in She The Shakti, Anthology– POEM 3

 

उसके पति ने कहा ,
सजावट की तरह रहो ,
कौन तुम्हें मदद करेगा ?
यह पुरुषों की दुनियाँ हैं.
सब के सब , कभी न कभी
ऐसे रिश्ते बनाते हैं.
अगर तुमने मेरी जिंदगी मॆं
ज्यादा टाँग अडाई ,
तब सब से कह दूँगा –
यह औरत पागल हैं.

उसने नज़रें उठाई और कहा-
सब के सब तुम्हारे जैसे नहीँ हैं.
तुम्हारे ये तरीके और हथियार पुराने हो गये ,
मुझ पर काम नहीँ करते.
हाँ , जो तुम जैसे हैं ,
वहीं तुम्हारा साथ देते हैं.

मैं नारी हूँ, रानी हूँ, शक्ति हूँ।
इसलिये शर्मिंदा होने का समय तुम्हारा हैं.
मेरा नहीँ.

आज़ के आधुनिक समय में अभी भी कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं , जो नारी को समानता का दर्ज़ा देने में विश्वाश नही रखते.

Source: तरीके और हथियार ( कविता )