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Are we alone in the dark – or Aliens exist? (Latest Research )

7 Earth-Size Planets Orbit Dwarf Star, NASA and European Astronomers Say-  FEB. 22, 2017

Not just one, but seven Earth-size planets that could potentially harbor life have been identified orbiting a tiny star not too far away, offering the first realistic opportunity to search for signs of alien life outside the solar system.

Do aliens exist This is a controversial topic. Debate is going on. Mystery of existence of life on other planets is still matter of discussion and research.

Hindu cosmology -Hindu mythology and cosmology explains about trailokya or triple world. It believes the existence of three worlds – prithvi, akash and patal.

Stephen Hawking According to genius scientist Stephen Hawking “It’s time to commit to finding the answer to search for life beyond Earth,” “We are alive, we are intelligent, we must know”. “Mankind has a deep need to explore, to learn to know,” “We also happen to be sociable creatures. It is important to us to know if we are alone in the dark.”

 news Well known physicist, Stephen Hawking and Russian entrepreneur, Yuri Milner, announced the launch of $100 million project on – Breakthrough Initiative, a new project to attempt to detect life in the Cosmos on July 20, 2015, in London.

Source: Are we alone in the dark – or Aliens exist? (Latest Research )

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ओंकारेश्वर – (ज्योतिर्लिंग 4 )

कावेरिका नार्मद्यो: पवित्र समागमे सज्जन तारणाय |
सदैव मंधातत्रपुरे वसंतम ,ओमकारमीशम् शिवयेकमीडे ||

अर्थ:- कावेरी एवं नर्मदा नदी के पवित्र संगम पर सज्जनों के तारण के लिए, सदा ही मान्धाता की नगरी में विराजमान श्री ओंकारेश्वर जो स्वयंभू हैं वही ज्योतिर्लिंग है.

यह मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर इंदौर से ७७ किमी की दूर खंडवा जिले में नर्मदा के उत्तर, नदी के बीच मन्धाता या शिवपुरी नामक द्वीप पर स्थित है। इंदौर से यहाँ सड़क मार्ग से जाया जा सकता है। यह द्वीप हिन्दू पवित्र चिन्ह ॐ के आकार में बना है। ओंकारेश्वर लिंग एक प्राकृतिक शिवलिंग है। इसके चारों ओर हमेशा जल भरा रहता है। यहाँ पर भगवान महादेव को चना का दाल चढ़ाने की परम्परा है। स्कंद पुराण, शिवपुराण व वायुपुराण में भी ओम्कारेश्वर क्षेत्र की महिमा का उल्लेख मिलता है |

मान्यता है, यहाँ भगवान शिव ओंकार स्वरुप में प्रकट हुए थे और यायावर शिव प्रतिदिन तीनो लोकों में भ्रमण के बाद यहाँ आकर विश्राम करते हैं।अतः यहाँ के शयन आरती और शयन दर्शन का विशेष महत्व हैं।

एक अन्य मान्यतानुसार, ओंकार शब्द का उच्चारण सृष्टिकर्ता ब्रह्मा के मुख से हुआ था, अतः किसी भी वेद का पाठ इसके उच्चारण बिना पूर्ण नहीं होता है। माना जाता हैं कि इस पवित्र ॐ क्षेत्र में 33 करोड़ देवी- देवता निवास करते हैं।

किवदंतियाँ

1 राजा मान्धाता ने नर्मदा तट के इस पर्वत पर घोर तपस्या कर भगवान शिव को प्रसन्न किया। उनसे यहीं निवास करने का वरदान माँग लिया। तब से यह शिव स्थली, पर्वत मान्धाता पर्वत कहलाने लगा।

2 एक अन्य कथानुसार, इस मंदिर में शिवलिंग स्थापना, देवताओ के धनपति कुबेर ने की थी। यहाँ धनतेरस की सुबह ४ बजे से अभिषेक और लक्ष्मी वृद्धि पेकेट (सिद्धि) वितरण होता है। जिसे घर पर ले जाकर दीपावली की अमावस को विधिनुसार धन रखने की जगह पर रखने से घर में प्रचुर धन और सुख शांति आती हैं I

3 एक कहानी के अनुसार एक बार देव और दानवों में भयंकर युद्ध हुआ। दानव विजयी होने लगे। तब देवताओं के आवहान से भगवान शिव ने ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के रूप में आ कर दानवों को पराजित किया।

4 एक पौराणिक कथानुसार  एक बार घुमक्कड़ नारद मुनी ने विंध्य पर्वत से पर्वत मेरु की प्रसंशा की। विंध्य पर्वत ने मेरु से बड़ा बनने के लिए यहाँ पर भगवान शिव के पार्थिवलिंग की पूजा की और भगवान शिव की कृपा और वरदान प्राप्त किया।

ज्योतिर्लिंग – पुराणों के अनुसार शिवजी जहाँ-जहाँ स्वयं प्रगट हुए उन बारह स्थानों पर स्थित शिवलिंगों को ज्योतिर्लिंगों के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। हिंदु मान्यतानुसार इनके दर्शन, पूजन या प्रतिदिन प्रात:काल और संध्या के समय इन बारह ज्योतिर्लिङ्गों का नाम लेने मात्र से सात जन्मों का पाप नष्ट हो जाता है।
शिव पुराण – शिव पुराण, कोटि ‘रुद्रसंहिता’ में इस प्रकार बारह ज्योतिर्लिंगों की चर्चा है, जिसमें सोमनाथ का वर्णन प्रथम ज्योतिर्लिंग के रूप में किया गया है।

सौराष्ट्रे सोमनाथंच श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।
उज्जयिन्यां महाकालमोंकारं परमेश्वरम्।।
केदारं हिमवत्पृष्ठे डाकियां भीमशंकरम्।
वाराणस्यांच विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे।।
वैद्यनाथं चिताभूमौ नागेशं दारूकावने।
सेतूबन्धे च रामेशं घुश्मेशंच शिवालये।।
द्वादशैतानि नामानि प्रातरूत्थाय यः पठेत्।
सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति।।
यं यं काममपेक्ष्यैव पठिष्यन्ति नरोत्तमाः।
तस्य तस्य फलप्राप्तिर्भविष्यति न संशयः।।

अर्थात – सौराष्ट्र प्रदेश (काठियावाड़) में श्रीसोमनाथ, श्रीशैल पर श्रीमल्लिकार्जुन, उज्जयिनी (उज्जैन) में श्रीमहाकाल, ॐकारेश्वर अथवा अमलेश्वर, परली में वैद्यनाथ, डाकिनी नामक स्थान में श्रीभीमशङ्कर, सेतुबंध पर श्री रामेश्वर, दारुकावन में श्रीनागेश्वर, वाराणसी (काशी) में श्री विश्वनाथ, गौतमी (गोदावरी) के तट पर श्री त्र्यम्बकेश्वर, हिमालय पर केदारखंड में श्रीकेदारनाथ और शिवालय में श्रीघुश्मेश्वर। जो मनुष्य प्रतिदिन प्रात:काल और संध्या के समय इन बारह ज्योतिर्लिङ्गों का नाम लेता है, उसके सात जन्मों का किया हुआ पाप इन लिंगों के स्मरण मात्र से मिट जाता है।

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दस लाख डालर का इनाम – क्या दूसरे ग्रहों पर जीवन है? (रिसर्च )

दस लाख   डालर का इनाम – क्या आप मानते है कि एलियन या पर ग्रहवासी होते है ? अगर हाँ, तब आपके लिए इनाम जीतने का सुनहरा अवसर है। यह चर्चा का विषय, बहुत पुराना है।अभी हाल में , 20 जुलाई  2015 को लंदन में विख्यात वैज्ञानिक स्टीफेन हौकिंस ने रूस के उद्धमी यूरी मीलनेर  के सौजन्य से  दस करोड़ डालर के  एक एलियन ख़ोज कार्यक्रम की शुरुआत की है। 

और भी जीवन है हमारे सिवा   – विद्धवान, स्टीफेन हौकिंस को अन्य ग्रहों पर जीवन होने का पूर्ण विश्वाश है। उनका मानना है कि  इस विशाल अन्तरिक्ष में हम अकेले  नहीं है। जीवन युक्त अन्य ग्रह भी हैं। जिसे वे खोजना चाहतें हैं। इस विषय पर खोज और अध्ययन चल रहें   है। अपने खोज को आगे बढ़ाने के लिए इस अभियान में एक अनोखा कदम उठाया गया  है। अन्य ग्रहों पर जीवन या सभ्यता संबन्धित सब से अच्छा संदेश या सूचना देनेवाले को दस लाख डालर  इनाम  की घोषणा की गई  है। 

हमारी प्राचीन मान्यताएं-    हमारे प्राचीन ग्रन्थों और किवदंतियों में स्वर्ग, पाताल और मृत्यु लोक की चर्चा मिलती है।

राजा बली की कहानी, नागलोग की किवदंतियाँ, रामायण में अहिरावण की बातें पाताल से जुड़ी  है। माना जाता है कि हमारी धरती या मृत्यु लोक के नीचे सात  और ऊपर सात  लोक है, जहां हमारे जैसा जीवन है।मानवों,पशु,पक्षियों,वनस्पतिओं  का निवास स्थल हमारी धरती है। देवी-देवताओं, पुण्य आत्माओं , अप्सराओ आदि  स्वर्ग में रहतें हैं।जो ऊपर के सात लोको में आता है। इसी तरह नीचे के सात लोकों अर्थात  पाताल लोक में राक्षसों, दैत्यों  , असुरों और नागों  का निवास स्थल है।

  पाताल के सात लोक  निम्नलिखित  है-

  1. अतल

  2. वितल

  3. सुतल

  4. रसातल

  5. तलातल

  6. महातल

  7. पाताल

इसी प्रकार धरती  से ऊपर सात लोकों की चर्चा होती है।मान्यता है कि ये सात लोक   देवी-देवताओं, आत्माओं, ऋषी-मुनी, अप्सराओं, पितरों आदि  का निवास स्थल है. स्वर्ग लोक या जो सात लोक ऊपर  है ,वे है – 

1.  भू

2. भुवः

3. स्व

4 . मह

5. जन

6. तप

7. सत्य

हमारे ग्रंथो में इस विषय की विस्तृत चर्चा मिलती है जिसमें दूसरे लोकों , वहाँ के जीवन, पृथ्वी से दूरी जैसी बातों का  उल्लेख है। इतनी विस्तृत जानकारी शायद हीं कहीं मिलती है।  पर सवाल है, क्या यह सब मात्र कल्पना है या सत्य? इसकी सत्यता की पुष्टि कैसे हो? शायद इन खोज अभियानों से कुछ मदद मिले।

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ALIENSDo aliens exist– This is a controversial topic. Debate is going on. Mystery of existence of life on other planets is still matter of discussion and research.

Hindu cosmology Hindu mythology and cosmology explains about trailokya or triple world. It believes the existence of three worlds – prithvi, akash and patal.

Stephen Hawking – According to genius scientist Stephen Hawking “It’s time to commit to finding the answer to search for life beyond Earth,” “We are alive, we are intelligent, we must know”. “Mankind has a deep need to explore, to learn to know,” “We also happen to be sociable creatures. It is important to us to know if we are alone in the dark.”

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