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Graphene-based sieve turns seawater into drinking water ग्राफीन छलनी समुद्री जल को पीने के पानी में बदल सकता है


BBC News

A UK-based team of researchers has created a graphene-based sieve capable of removing salt from seawater. The sought-after development could aid the millions of people without ready access to clean drinking water.

The promising graphene oxide sieve could be highly efficient at filtering salts, and will now be tested against existing desalination membranes.

Reporting their results in the journal Nature Nanotechnology, scientists from the University of Manchester, led by Dr Rahul Nair, show how they solved some of the challenges by using a chemical derivative called graphene oxide.

 

 

ब्रिटेन के शोधकर्ताओं  ने समुद्री जल से नमक को हटाने में सक्षम एक ग्राफीन की छलनी बनाई है। जिससे लाखों लोगों को पीने का पानी  मिलेगी की संभावना है।

डॉ. राहुल नायर के नेतृत्व में यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के वैज्ञानिक नेचर नैनोटेक्नोलॉजी में अपने परिणामों की रिपोर्ट करते हुए दिखाया हैं कि कैसे उन्होंने ग्रेफेन ऑक्साइड  का उपयोग करके इन चुनौतियों का समाधान कर रहें हैं।

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पालक पत्ता से धड़कता मानव हृदय ऊतक Spinach Leaf Transformed Into Beating Human Heart Tissue

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Left: A decellularized spinach leaf is pictured before dye is added to test its ability to filter blood through tissue.Right: Picture of a spinach leaf after it successfully demonstrated red dye could be pumped through its veins, simulating the blood, oxygen and nutrients human heart tissue needs to grow.

Using the plant like scaffolding, scientists built a mini version of a working heart, which may one day aid in tissue regeneration.

 

  वैज्ञानिकों ने पालक पत्ता से धड़कता मानव हृदय ऊतक बनाया । काम करते   दिल का एक मिनी संस्करण है, जो हो सकता है यह एक दिन  ऊतक पुनर्जनन बनाने में  सहायता हो ।

Images courtesy – PHOTOGRAPH COURTESY WORCESTER POLYTECHNIC INSTITUTE ,

and interne.

News -http://news.nationalgeographic.com/2017/03/human-heart-spinach-leaf-medicine-science/

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विश्वकर्मा पूजा Vishwakarma Day

 Vishwakarma Jayanti / Puja is a day of celebration for  Hindu god, Vishwakarma .He is considered divine architect, Creator of fabulous weapons for the Gods and is credited with Sthapatya Veda, the science of mechanics and architecture.

हिन्दू धर्म के अनुसार भगवान विश्वकर्मा निर्माण एवं सृजन के देवता कहे जाते हैं। माना जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने ही इन्द्रपुरी, द्वारिका, हस्तिनापुर, स्वर्ग लोक, लंका आदि का निर्माण किया था। इस दिन विशेष रुप से औजार, मशीन तथा सभी औद्योगिक कंपनियों, दुकानों आदि पूजा करने का विधान है।

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स्ट्रॉबेरी केक (strawberry cake with rose icing recipe)

 

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केक

सामान-
मैदा – २ कप
चीनी – १ कप
अंङा – ४
मक्खन – ½ कप
वेनिला एसेंस – ४-५ बुंद
बेकिंग पाउङर- १/२ चम्मच

बनाने का तरीका-

१. मैदा अौर बेकिंग पाउङर २-३ बार चलनी से चालें। 

२. अंङे की सफेदी अौर जर्दी अलग-अलग करें। सफेदी कङा झाग होने तक फेटें।
३. जर्दी को अलग से इतना फेटें । जिससे वह क्रिमी अौर हलका हो जाये। इसमें थोङा-थोङा कर चीनी ङालें अौर फेंटते जायें।
४. अब इसमें एक बार थोङा मैदा ङालें अौर फेटें फिर थोङा अंङे की सफेदी ङालें फेटें। यह क्रम मैदा अौर अंङे की सफेदी खत्म होने दोहराते जायें।
५. ४-५ बुंद वेनिला एसेंस ङाल कार फेटें।
६. केक टिन में मक्खन लगा कर आधा केक घोल ङालें। १८०/180 ङिग्री पर १०-१२ मि बेक करें। इसी तरह एक केक अौर बना लें। केक को ठंडा होने दें।

बीच का फिलिंग

सामान-
ताजी स्ट्रॉबेरी / ताजे फल – ५-१० पतला-पतला कटा
स्ट्रॉबेरी सिरप – ४-६ चम्मच
क्रीम – लगभग ½ कप
चीनी – २-४ चम्मच या स्वाद अनुसार
तरीका-

स्ट्रॉबेरी सिरप , चीनी अौर क्रीम मिलायें। दोनों केक पर आधा-आधा ङालें। एक केक के ऊपर कटी

ताजी स्ट्रॉबेरी / फल बिछायें। ऊपर दूसरा केक रखें।

आइसिंग-

सामान-

मक्खन सादा- १ कप ( बिना नमक का )
आइसिंग शुगर – २ कप
स्ट्रॉबेरी सिरप – ४ चम्मच
वेनिला एसेंस ४-५ बुंद
क्रीम – १ चम्मच या जरुरत के अनुसार। 

सजावट के लिये स्प्रिंकल्स्

तरीका-
मक्खन मुलायम होने पर थोङा फेटें। अब इसमें एक बार थोङा आइसिंग शुगर ङालें अौर फेटें फिर १ चम्मच
स्ट्रॉबेरी सिरप ङालें अौर फेटें। यह क्रम आइसिंग शुगर अौर स्ट्रॉबेरी सिरप खत्म होने दोहराते जायें।अंत में क्रीम व वेनिला एसेंस ङालें अौर फेटें ।
केक के चारो चाकू या चम्मच से आइसिंग करें अौर स्प्रिंकल्स् लगायें ।
आइसिंग सीरिंज में क्लोज स्टार नोजल लगा लें। आइसिंग को आइसिंग सीरिंज में भरें ।

केक के ऊपर गुलाब बनाने का तरीका-

अब केक के ऊपर किनारे से गुलाब बनाने की शुरुआत करें। फूल एक बिंदू से शुरू करें अौर बाहर की अौर गोल-गोल बनाते जायें। इस तरह किनारे-किनारे गुलाब बनाते जायें। फिर दूसरे लाइन के गुलाब बनायें। अंत में बीच में गुलाब बनायें।

 

टिप –
१ हैंङ मिक्सर इस्तेमाल करने से केक घोल अच्छा मिक्स होता है।
२ थोङा-थोङा करके ङालने से बीच में हवा रह जाता है। जिससे केक ज्यादा फुलता है।
३ आइसिंग में जरुरत के अनुसार क्रीम ङालें। जिससे गुलाब सही आकार में रह सके।

 

 

cake recipe and image courtesy – Chandni Sahay.

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मनोविज्ञन#3- धर्म मेँ मनोविज्ञन का छिपा रहस्य Psychology and religion / spirituality

 

 Psychology in religion – Religion is a learned behaviour, which has a strong and positive impact on human personality, if followed properly.

धर्म बचपन से सीखा हुआ व्यवहार है. अपने अराध्य या  ईश्वर के सामने अपनी मनोकामनायेँ कहना या अपनी भूल  कबुलना, ये  हमारे सभी बातेँ व्यवहार को साकारात्मक रुप से प्रभावित करती हैँ. जो मनोविज्ञान का भी उद्देश्य  है.

 प्रार्थना, उपदेश, आध्यात्मिक वार्ता, ध्यान, भक्ति गीत, भजन आदि सभी गतिविधियाँ  धर्म का हिस्सा हैँ. ध्यान देँ तब पायेंगेँ , ये सभी किसी ना किसी रुप मेँ हम पर साकारात्मक असर  डालतीँ  हैँ. अगर गौर करेँ, तब पयेँगेँ ये सभी व्यवहार किसी ना किसी रुप में  मनोवैज्ञानिक

  • ये आत्म प्रेरणा या  autosuggestion देते हैँ.
  • अपनी गलतियोँ को स्वीकार करने से मन से अपराध  बोध/ गिल्ट कम होता है
  • अंतरात्मा की आवाज सुनने की सीख, अपनी गलतियोँ को समझने की प्रेरणा देता है.
  • सोने के पहले अपने दिन भर के व्यवहार की समिक्षा करने की धार्मिक शिक्षा मनोविज्ञान का  आत्म निरीक्षण या introspection है.

अध्ययनोँ से भी पता चला है – ध्यान, क्षमा, स्वीकृति, आभार, आशा और प्रेम जैसी धार्मिक परंपराएँ हमारे व्यक्तित्व पर प्रभावशाली मनोवैज्ञानिक असर डलता हैं।

 

clinical reports suggest that rehabilitation services can integrate attention to spirituality in a number of ways.

(“Spirituality and religion in psychiatric rehabilitation and recovery from mental illness”- ROGER D. FALLOT Community Connections, Inc., Washington, DC, USA International Review of Psychiatry (2001), 13, 110–116)

 

image from internet.

 

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मनोविज्ञान#2 आत्म प्रेरणा से अपना व्यक्तित्व निखारे. Self-improvement by autosuggestion

Auto suggestion – A process by which an individual may train subconscious mind for self- improvement.

यह एक मनोवैज्ञानिक तकनीक है. आत्म प्रेरित सुझाव विचारों, भावनाओं और व्यवहारोँ को प्रभावित करता हैँ. किसी बात को बारबार दोहरा कर अपने व्यवहार को सुधारा जा सकता है.

अपनी कमियाँ और परेशानियाँ हम सभी को दुखी करती हैँ. हम सभी इस में बदलाव या सुधार चाह्ते हैँ और जीवन मेँ सफलता चाहतेँ हैँ. किसी आदत को बदलना हो, बीमारी को नियंत्रित करने में अक्षम महसुस करतेँ होँ, परीक्षा या साक्षात्कार में सफलता चाह्तेँ हैँ. पर आत्मविश्वास की कमी हो.

ऐसे मेँ अगर पुर्ण विश्वास से मन की चाह्त निरंतर मन हीँ मन दोहराया जाये. या अपने आप से बार-बार कहा जाये. तब आप स्व- प्रेरित संकल्प शक्ति से अपनी कामना काफी हद तक पुर्ण कर सकतेँ हैँ और अपना व्यवहार सुधार सकते हैँ। जैसे बार-बार अपनी बुरी आदत बदलने, साकारात्मक विचार, साक्षात्कार मेँ सफल होने, की बात दोहराया जाये तब सफलता की सम्भावना बढ़ जाती है.

ऐसा कैसे होता है?
हमारा अवचेतन मन बहुत शक्तिशाली है. बार बार बातोँ को दोहरा कर अचेतन मन की सहायता से व्यवहार मेँ परिवर्तन सम्भव है. साकारात्मक सोच दिमाग और शरीर दोनों को प्रोत्साहित करतेँ हैँ. इच्छाशक्ति, कल्पना शक्ति तथा सकारात्मक विचार सम्मिलित रुप से काम करते हैँ. पर यह ध्यान रखना जरुरी है कि हम अवस्तविक कामना ना रखेँ और इन्हेँ लम्बे समय तक प्रयास जारी रखेँ.a s

 

images from internet.