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Spirituality and Psychology 

 

Spirituality says –  let it go. 

Make peace with what you have in life.

Psychology says – let it be 

Accept yourself and everything as they are.

Let us club them together – 

First  accept every thing as they are

and then let it go.

and every negativity will gradually fade away.

 

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सेल्फ कंसेप्ट self concept

Accept yourself as you are,

Never kill the parts,

that you can’t live without !!!

What is self concept

Baumeister’s (1999) self concept definition:

“The individual’s belief about himself or herself, including the person’s attributes and who and what the self is”.

* The view you have of yourself (self image)
*How much value you place on yourself (self esteem or self-worth)
*What you wish you were really like (ideal self)

सेल्फ कंसेप्ट क्या है?

“व्यक्ति का अपने स्वयं गुणों के बारे में ,और अपने व्यक्तित्व पर खुद का विश्वास ”

*आपका खुद के बारे में विश्वास (आत्म चित्र)
*आप अपने आप को कितना मूल्यवान समझते हैं (आत्मसम्मान या स्व-मूल्य )
*आप अपने अाप को कितना पसंद करते हैं (आदर्श स्वयं )

Source: सेल्फ कंसेप्ट self concept #Psychology

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इंपोस्टर सिंड्रोम / impostor syndrome – क्या आप खुद को अपनी कामयाबी या सफलता के लायक नहीं मानतें?

 

इंपोस्टोर सिंड्रोम – जब लोग अपनी सफलता को इत्तफ़ाक़ या संयोग मानते हैं या उन्हें आत्म-संदेह होता रहता है (यह गलती से सफलता मिलने या खुद को कामयाबी के लायक नहीं मानने का अनुभव है)।
क्या आप जानते हैं , अनेक लोग इस सिंड्रोम से प्रभावित होते हैं ।

दुनियाभर में सुपरहिट रही हॉलीवुड फिल्म शृंखला ‘हैरी पॉटर’ में नायक की अभिन्न मित्र ‘हरमॉयनी ग्रेंजर’ की भूमिका निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाली अभिनेत्री एम्मा वॉटसन को लगता है, कि उन्हें अपनी काबिलियत से कहीं ज़्यादा कामयाबी हासिल हुई है। खुद को इतनी कामयाबी के लायक नहीं मानतीं एम्मा वॉटसन।

ऐसे लोग प्रायः अपनी प्रशंसा को हलके में लेते हैं, परिपूर्णतावादी / पर्फेक्सनिस्ट, बेहद मेहनती, अौर असफलता से ङरे रहते हैं (70% से अधिक लोग अपने जीवन में कभी ना कभी ऐसा अनुभव करतें हैं)। अगर आप को ऐसा लगता है, तब ङरे नहीं , क्योंकि आप जैसे बहुत लोग हैं जिन्हें आत्म-संदेह होता रहता है।   1 9 78 ​​मनोवैज्ञानिकों पॉलिन अौर क्लेंस और सुज़ान/ Pauline and Suzanne शब्द दिया था। यह सिंड्रोम अच्छी उपलब्धि वालों व महिलाओं में अक्सर होता है।

 

 इसका सामना करने के उपाय –

  • ऐसे लोगों को अपनी भावनाओं को समझना अौर लोगों से साझा करना चाहिये।
  • तुलना के बदले अपने आप अौर अपने काम की कदर करना चाहिये ।
  • अपनी तारीफ को स्वीकार करना सीखें।
  • आपनी क्षमताओं और उपलब्धियों को सही नजरीये अौर निष्पक्षता से देखें ।
  • अपने डर को मान कर उसका सामना करें। आप वास्तव में सफलता के लायक नहीं या अयोग्य महसूस कर, तनाव में ना रहें। ना उसे भाग्य से पाया हुआ माने। बोलने के दौरान भी ऐसी बातों का प्रयोग ना करें जिससे आपके इस ङर झलके। जैसे – शायद भाग्य से मिल गया, मैं इस लायक नहीं ।
  • अपनी सफलता, कौशल, उपलब्धियों और अनुभवों का मूल्यांकन करें।
  • मजाक और हलकी-फुलकी बातों का आनंद लें।
  • सुबह -सुबह लिखने की आदत ( morning pages) – सुबह उठने के बाद कुछ देर अपने बारे में जो भी मन में आये / कुछ भी लिखने की आदत बनायें। इन लेखों को रखने की जरुरत नहीं है। यह आपके अचेतन मन में दबी बातों अौर परेशानियों को कम करेगा।
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आत्म प्रेरणा से अपना व्यक्तित्व निखारे #मनोविज्ञान Self-improvement by autosuggestion

Auto suggestion – A process by which an individual may train subconscious mind for self- improvement.

यह एक मनोवैज्ञानिक तकनीक है. आत्म प्रेरित सुझाव विचारों, भावनाओं और व्यवहारोँ को प्रभावित करता हैँ. किसी बात को बारबार दोहरा कर अपने व्यवहार को सुधारा जा सकता है.

अपनी कमियाँ और परेशानियाँ हम सभी को दुखी करती हैँ. हम सभी इस में बदलाव या सुधार चाह्ते हैँ और जीवन मेँ सफलता चाहतेँ हैँ. किसी आदत को बदलना हो, बीमारी को नियंत्रित करने में अक्षम महसुस करतेँ होँ, परीक्षा या साक्षात्कार में सफलता चाह्तेँ हैँ. पर आत्मविश्वास की कमी हो.

ऐसे मेँ अगर पुर्ण विश्वास से मन की चाहत निरंतर मन ही मन दोहराया जाये. या अपने आप से बार-बार कहा जाये. तब आप स्व- प्रेरित संकल्प शक्ति से अपनी कामना काफी हद तक पुर्ण कर सकतेँ हैँ और अपना व्यवहार सुधार सकते हैँ। जैसे बार-बार अपनी बुरी आदत बदलने, साकारात्मक विचार, साक्षात्कार मेँ सफल होने, की बात दोहराया जाये तब सफलता की सम्भावना बढ़ जाती है.

ऐसा कैसे होता है?
हमारा अवचेतन मन बहुत शक्तिशाली है. बार बार बातोँ को दोहरा कर अचेतन मन की सहायता से व्यवहार मेँ परिवर्तन सम्भव है. साकारात्मक सोच दिमाग और शरीर दोनों को प्रोत्साहित करतेँ हैँ. इच्छाशक्ति, कल्पना शक्ति तथा सकारात्मक विचार सम्मिलित रुप से काम करते हैँ. पर यह ध्यान रखना जरुरी है कि हम अवस्तविक कामना ना रखेँ और इन्हेँ लम्बे समय तक प्रयास जारी रखेँ.

 

Image from internet.

 

 

Source – Rekha Sahay

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दूसरों को अपने ऊपर हावी ना होने दें- गैसलाइटिंग प्रभाव-3 #मनोविज्ञान, Gaslighting #Psychology

गैसलाइटिंग प्रभाव क्या है –
यह एक गलत अौर नाकारात्मक व्यवहार है। कुछ लोग दूसरे के दिल अौर दिमाग पर हावी हो कर, उन्हें अपने तरीके से चलाने की कोशिश करते हैं। ऐसे करीबी लोग हीं करते हैं। अगर लोगों के व्यवहार पर गौर करेंगें, तब आप अपने आसपास ऐसे लोगों को आसानी से पहचान सकते हैं। इसका प्रभावित व्यक्ति के व्यक्तित्व पर बुरा असर पङता है।

अगर किसी में ये लक्षण  मौजूद हैं तब इसका अर्थ है उसके ऊपर कोई हावी  होने की कोशिश कर रहा है या  वह गैसलाइटिंग प्रभाव का शिकार है- 

  •  लगातार आरोपों  से  तार्किक  तरीके से सोचने में बहुत बार दुविधा व  उलझन में महसूस होने लगती है।
  • इस प्रभाव का शिकार लोगों को लगता है कि वे बहुत संवेदनशील या ईर्ष्यालू र्है।
  •  बिना  कारण  ये झूठ बोलने या  बातों को छूपाने / कवर करना शुरू कर देते हैं।
  • .घबराहत या भ्रम की वजह से  ये अक्सर “हाई अलर्ट” या हाइपरविजीलेंट रहते हैं।
  • बिना  गलती  या छोटी-छोटी   बातों पर ये  माफी मांगने  लगते हैं ।
  •  ये अक्सर बचनेवाला  व्यवहार / defensive behaviour दिखलाते   हैं।
  • अतिसंवेदनशील अौर सतर्क होने की वजह से ये हमेशा   घबराये  रहते है अौर  भविष्य की संभावित बातों से ङरते रहते हैं –   अौर  अनुमान लगाते रहते हैं कि भविष्यवाणी  मैं कुछ ( शायद  गङबङ) होने वाला है ।
  • बेवजह  परिवार और दोस्तों से  बात छुपाते  हैं।
  •  कभी-कभी  ये यहाँ तक सोच लेते हैं कि कहीं ये  पागल हो  नहीं हो रहे ।

 

गैसलाईटिंग  में लंबा समय लगता है अतः यह व्यक्ति के आत्मविश्वास और घटनाओं को समझने की अपनी समझदारी पर अविश्वास करने लगते हैं। जिससे  इनकी क्षमता कम होने  लगती है।  यह एक प्रकार के ब्रेनवॉश का तरीका है।, मूवी गैसलाइट (1 9 44) में, एक आदमी गैसलाइटिंग प्रभाव से अपनी पत्नी की ऐसी मनःस्थिती बना देता है, जब वह सोचने लगती है कि वह अपना दिमागी संतुलन खो रही है। इस शब्द की उत्पत्ति, 1 9 38 के एक नाटक और 1 9 44 के उपरोक्त फिल्म से हुई है।

 

Gaslighting

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दूसरों को अपने ऊपर हावी ना होने दें- गैसलाइटिंग प्रभाव-2 #मनोविज्ञान, Gaslighting #Psychology

 यह एक प्रकार के ब्रेनवॉश का तरीका  है।, मूवी गैसलाइट (1 9 44) में, एक आदमी गैसलाइटिंग प्रभाव से अपनी पत्नी की ऐसी मनःस्थिती बना देता है, जब वह सोचने लगती है कि वह अपना दिमागी संतुलन खो रही है। इस शब्द की उत्पत्ति, 1 9 38 के एक नाटक और 1 9 44 के उपरोक्त फिल्म से हुई है।

हावी होने वालों के  तकनीक — 

गैसलाइटर को पहचानना अौर अपनी सुरक्षा करना जरुरी है। ये घटनाएं अभद्र भी हो सकती हैं ,ज्यादा भ्रमित करने के इरादे से दुर्व्यवहार अपमानजनक व्यवहार भी किये जाते हैं।  आमतौर पर इस तकनीकों का उपयोग दूसरों पर करते हैं :

*  वे ज़बरदस्त झूठ बङी सफाई से बोलते हैं, यह दूसरों को अस्थिर  करने के लिये करते हैं।

*   झूठ पकङाने पर भी इनकार करते हैं, भले ही आपके पास प्रमाण हो।

*  वे आपके प्रिय लोगों या प्रिय बातों का उपयोग परेशान करने के लिये करते हैं। जैसे वे जानते आपके बच्चे/ दोस्त आपके लिए कितने महत्वपूर्ण हैं, और वे जानते हैं कि आपकी पहचान कितनी महत्वपूर्ण है। इसलिए ये उन पहली चीजों में से किसी एक पर  वे हमला करते हैं। वे आपके अस्तित्व की नींव पर हमला करते हैं।

* वे समय के साथ धीरे-धीरे आपकी जङें खोदते हैं। यह गैसलाईटर की खतरनाक बातों में से एक है- यह समय के साथ धीरे-धीरे किया जाता है। एक झूठ है, फिर दूसरा झूठ है, हर बार धोखेवाली टिप्पणी करते रहते है  और फिर यह बढ़ना शुरू हो जाता है। यहां तक ​​कि सबसे प्रतिभाशाली, सबसे अधिक आत्म-जागृत , समझदार लोगों को गैसलाईटिंग से चूसा जा सकता है- यह इतना प्रभावी है, कि उस व्यक्ति को यह नहीं पता चलता कि उसके साथ क्या हो रहा है।

* गैसलाइटर के कार्य उनके शब्दों से मेल नहीं खाते हैं।  ऐसे व्यक्ति पर ध्यान दें कि वे क्या कर रहे हैं इसके बजाय वे क्या कह रहे हैं। वे क्या कह रहे हैं उसका कुछ अर्थ नहीं; यह सिर्फ बातें बना रहे होते है। वे क्या कर रहे हैं यह समस्या पैदा करता है

*  वे आपको भ्रमित करने के लिए साकारात्मक व्यवहार करते हैं।  यह व्यक्ति जो आपकी जङ काट रहा है, आपको बता रहा था कि आपका कोई मूल्य नहीं है। अब, जब वे आप की प्रशंसा कर रहा हैं। आप सोचते हैं, “ठीक है, ये इतने बुरे नहीं हैं। पर यह आपको परेशान करने की एक चालाकी भरा उपाय है। ध्यान दें, किस बात के लिये आपकी प्रशंसा की गई थी; शायद इससे वह आपको कुछ क्षति पँहुचाना चाह रहा है।

*  वे जानते हैं कि भ्रम की स्थिति लोगों को कमजोर करती है, उसका फायदा उठाते हैं।  ऐसे लोग जानते हैं कि सब लोग जीवन में स्थिरता चाहते हैं और जीवन सामान्य रुप से जीना चाहते हैं। उनका लक्ष्य होता है आपके जीवन की इस सामान्यता व स्थिरता को उखाड़ फेंकना। जिससे आप लगातार संशय के प्रश्नात्मक हालात में रहें। इंसान की प्राकृतिक प्रवृत्ति होती है ऐसे व्यक्ति की अोर झुकना जो स्थिर स्थिती महसूस कराने में मदद करे – और गैसलाइटर हीं आपकी मदद करने वाला व्यक्ति बन आपको धोखा देता है।

*  वे दिखावा करते हैं अौर हावी होते हैं। अगर वे नशीली दवाओं के उपयोगकरते हैं या धोखेबाज हैं, फिर भी वे आप पर लगातार आरोप लगाते रहेगें। ऐसे में अक्सर आप खुद का बचाव करने की कोशिश शुरू करेगें, और गैसलाइटर के व्यवहार से विचलित हो जायेगें।

*  वे लोगों को आपके विरुद्ध करने की कोशिश करते हैं।  गैसलाइटर हेरफेर करने में मास्टर होते हैं और कुछ लोगों को अपनी तरफ कर लेतें हैं – और वे इन लोगों को आपके खिलाफ इस्तेमाल करते हैं। वे ऐसी टिप्पणी करेंगे जैसे “यह व्यक्ति जानता है कि आप सही नहीं हैं” या “यह व्यक्ति जानता है कि आप बेकार हैं।” ध्यान रखें कि इसका मतलब यह नहीं है कि इन लोगों ने वास्तव में इन बातों को कहा है। एक गैसलाइटर निरंतर झूठ बोलता है। जब गैसलाईटर इस रणनीति का उपयोग करते है तब आप यह समझ नहीं पाते है कि आपको किस पर भरोसा करना या नहीं करना है – और यह आपको गैसलाईटर के पास ले जाता है और वह वास्तव में यही चाहते हैं: अलगाव उन्हें अधिक नियंत्रण प्रदान करता है

*  वे आपको या दूसरों को बताते हैं कि आप पागल हैं। यह गैसलाइटर के सबसे प्रभावी उपकरणों में से एक है, गैसलाइटर जानता है कि ऐसे में लोग तब आपका विश्वास नहीं करेंगे जब आप उन्हें बता दें कि गैसलाइटर अपमानजनक है या आउट-ऑफ-कंट्रोल है। यह एक मास्टर तकनीक है।

*  वे आपको बताते हैं कि हर कोई झूठा  है  सिवाय उनके । इस से आप को  दुविधा होगी कि आप को किस पर विश्वास करना चाहिये। कौन सच कह रहा है ?  यह भी एक हेरफेर तकनीक है। ऐसे में लोग “सही” सूचना के लिए गैसलाइटर की ओर मुड़ते हैं- जो फिर धोखा  देते  है।

जितना अधिक अधिक इन तकनीकों के बारे में समझते हैं, उतनी जल्दी आप उन्हें पहचान सकते हैं और गैसलाईटिंग  से बच सकते हैं।

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दूसरों को अपने ऊपर हावी ना होने दें- गैसलाइटिंग प्रभाव-1 #मनोविज्ञान, Gaslighting #Psychology

Gaslighting is a form of manipulation that seeks to sow seeds of doubt in a targeted individual or members of a group, hoping to make targets question their own memory, perception, and sanity.

गैसलाइटिंग प्रभाव क्या है –
यह एक गलत अौर नाकारात्मक व्यवहार है। कुछ लोग दूसरे के दिल अौर दिमाग पर हावी हो कर, उन्हें अपने तरीके से चलाने की कोशिश करते हैं। ऐसे करीबी लोग हीं करते हैं। अगर लोगों के व्यवहार पर गौर करेंगें, तब आप अपने आसपास ऐसे लोगों को आसानी से पहचान सकते हैं। इसका प्रभावित व्यक्ति के व्यक्तित्व पर बुरा असर पङता है।

गैसलाइटिंग, हेराफेरी कर किसी को अपने तरीके से चलाने का तरीका है । ऐसे लोग लक्षित व्यक्ति या किसी समूह के लोगों में मन में संदेह के बीज बोने की कोशिश करतें हैं। लक्ष्य किये गये व्यक्ति की बातों को गलत ठहरने की कोशिश करते रहते हैं। उनके सामने उनकी याददाश्त, धारणा और विवेक पर सवाल उठाते रहते है। उनकी बातों को निरंतर अस्वीकार करना, गलत तरह से उसकी व्याख्या करना, विरोधाभास पैदा करना और झूठा ठहराना सामान्य तरीका हैं। अन्य लोगों के सामने भी उसके बारे में गलत बातें अौर धारणायें देते रहते हैं। ये सब बातें उस व्यक्ति को भ्रमित , अस्थिर व परेशान करता है और उसके आत्मविश्वास को तोङता हैं।

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