NZ Speaker cradles MP’s baby in parliament

ऐसा भी देश है, ऐसे भी लोग हैं।

वरना मातृत्व तो महिलाओं की हीं

ज़िम्मेदारी समझी जाती है।

और वह भी अक्सर घर में रहकर.

सलाम है इन्हें!!!

Wellington, Aug 21 (IANS) The Speaker of New Zealand’s parliament, Trevor Mallard, cradled a lawmaker’s baby while he presided over a debate in the House of Representatives.
Mallard took to Twitter on Wednesday to share a picture of himself feeding MP Tamati Coffey’s baby boy in the Speaker’s seat, the BBC reported.
“Normally the Speaker’s chair is only used by Presiding Officers but today a VIP took the chair with me. Congratulations @tamaticoffey and Tim on the newest member of your family,” he wrote.

News in detail

ज़िंदगी के रंग- 89

मेरी एक पुरानी कविता –

ना जाने क्यों, कभी-कभी पुरानी यादें दरवाजे की दहलीज  से आवाज़ देने लगती हैं। 
AUGUST 16, 2018 REKHA SAHAY

 

एक टुकड़ा ज़िंदगी का

     बानगी है पूरे जीवन के

            जद्दोजहद का.

                उठते – गिरते, हँसते-रोते

                      कभी पूरी , कभी स्लाइसों

                                  में कटी ज़िंदगी

                                      जीते हुए कट हीं जाती है .

                                  इसलिए मन की बातें

                           और अरमानों के

                    पल भी जी लेने चाहिये.

                   ताकि अफ़सोस ना रहे

अधूरे हसरतों ….तमन्नाओं …. की.

Thakor community bans cellphones for unmarried women

कुछ अजीब सी बात है ,

सिर्फ़ लड़कियों के लिए.

चाँद पर, स्पेस में …. लड़कियाँ

भेजी जा सकती हैं.

पर मोबाईल रखने पर प्रतिबंध ?

क्या यह सही है ?

आप सबों के विचार आमंत्रित है.

https://www.google.co.in/amp/s/www.indiatoday.in/amp/india/story/thakor-community-bans-cellphones-for-unmarried-women-1570208-2019-07-17

5 fold hike in rape of kids from 1994 to 2016: Report

कहते हैं हम इंसान तरक़्क़ी कर रहें हैं.

आगे बढ़ रहें हैं.

पर जा कहाँ रहें हैं?

ना इंसानों, ना बच्चों, ना पशुओं

किसी के बारे में नहीं सोंच रहें हैं.

अफ़सोस !!!!

क्रूरता की इंतहा है.

https://m.hindustantimes.com/india-news/5-fold-hike-in-rape-of-kids-from-1994-to-2016-report/story-Qg9eZxxZTgfr6k563ldfII.html?utm_campaign=fullarticle&utm_medium=referral&utm_source=inshorts

A baby #rhino tries to wake #mother, who is killed by poachers for the #horn.

हम इंसानों के क्रूरता की हद है.

https://mobile.twitter.com/ParveenKaswan/status/1146033060858585088?utm_campaign=fullarticle&utm_medium=referral&utm_source=inshorts

गुरु #Teacher

गुरू बिन ज्ञान न उपजै, गुरू बिन मिलै न मोष।
गुरू बिन लखै न सत्य को गुरू बिन मिटै न दोष।।
बिना गुरू के ज्ञान व मोक्ष मिलना असम्भव है। बिना गुरू के सत्य एवं असत्य, उचित और अनुचित के भेद का ज्ञान नहीं होता फिर मोक्ष कैसे प्राप्त होगा? गुरूशरण ही सच्ची राह दिखाता है।
–कबीर

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Can teachers today be called “the untalented leftovers”? Give reasons.  Eidition 280  

ना जाने कितने मनीषियों अौ’ कबीर ने कहा- 

“गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय।
बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय।।”

गुरू और  भगवान एक साथ हों तो किसे नमन करुँ?

– गुरू को अथवा गोबिन्द को?

ऐसी स्थिति में गुरू के श्रीचरणों में शीश झुकाना उत्तम है

जिनके कृपा रूपी प्रसाद से गोविन्द दर्शन का सौभाग्य मिला।

गुरु वह है जो ज्ञान दे –

 मार्गदर्शन कर, अज्ञानता, अंधकार को भगाने वाला गुरु वंदनीय है।

प्राचीन परम्परा अनुसार गुरु मार्गदर्शक बन राह दिखाते थे।

नानक देव, त्रेलंग स्वामी, रामकृष्ण परमहंस, महर्षि रमण, स्वामी समर्थ, द्रोणाचार्य…….

पारस मणी से गुरूअों के स्पर्श से  आज भी लोहा, सोने बनते  देखा है।

किन्तु 

आज गुरु नियुक्त होते हैं, उनकी योग्यता के आधारानुसार

यह तो है चयनकर्ता अौर व्यवस्था की देन ।

कौन गुरु बने या ना बने।

योग्य हैं या ……