ज़िंदगी के रंग -114

दर्द ने बताया

समंदर बाहर हो या

दिल अौ आँखों के अंदर .

दोंनो खारे होते हैं.

बदलाव

उम्र ने बहुत कुछ बदला –

जीवन, अरमान, राहें…….

समय – वक़्त ने भी कसर नहीं छोड़ी –

मौसम बदले, लोग बदले………

मन में यह ख़्याल आता है –

इतना ख़्याल ना करें, इतना याद ना करें किसी को …..

पर आँखे बंद करते –

मन बदल जाता है, ईमान बदल जाते हैं .

 

 

 

 

सबसे बङी इबादत – कविता

जब भी किसी ने आँखों से मदद मागीं

अौर

नादानी में,   अनदेखा किया,  वे आज भी याद हैं।

लरजते आँखों को पहचान लेना, ऐसे हाथों को

कस कर थाम लेना,

शायद सबसे बङी इबादत है !!!!

 

खंजन नयनों के सपने- कविता Dreams

Dreams are not those which come while we are sleeping, but dreams are those when you don’t sleep before fulfilling them.

सपने वे नहीं हैं जो हमें सोते समय आते हैं,  सपने वे हैं, जिन्हें आप  पूरा करने से पहले सोते नहीं हैं।
– ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (A.P.J. Abdul Kalam)

उसके खूबसूरत खंजन नैन,

सफेद आंखों की काली पुतलियां नाचती रहती,

शायह जागती आँखो  से सपने देखती,

 कामना है!!!

उसके  सुनहरे  रूपहल हर ख़्वाब

पूरे हो

जो भी सपने नाचते हैं उसके

चंचल चितवन में……

 

 

खंजन-  एक काले सफेद पंखों वाला खुबसूरत, चंचल पक्षी,  जिसकी उपमा चंचल नेत्रों के लिए भी दी जाती है।

खंजन-  Robin Magpie, A beautiful,  bird with  black-white wings.

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