आँसू

इन आँसुओं से एक  बात पूछनी है।

इतना नमक कहाँ से ढूँढ लाते हो?

कहाँ से बार बार चले आते हो?

रुक क्यों नहीं जाते ?

बातें क्यों नहीं सुनते  ?

जब देखो आँखें धुँधली कर जाते हो।

खुशियाँ अौर मुस्कान #HappinessSmiles

Probably the biggest insight… is that happiness is not just a place but also a process. …Happiness is an ongoing process of fresh challenges, and… it takes the right attitudes and activities to continue to be happy. – Ed Diener

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Indispire Topic , Edition – 259. How happy are you? Do you look for reasons to be happy? Are smiles linked with happiness?

आज हर जगह चल रही है खुशियों की खोज।

कुछ बाहर खोज रहे हैं ,

कुछ दूसरों के पास खोज रहे हैं।

दिल्ली सरकार, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, कई विश्वविद्यालय

साइंस ऑफ हैप्पीनेस – खुशियों का विज्ञान पढ़ा रहे हैं।

शायद लोग खुशियां ढूंढ लें !!!!

अक्सर हम भूल जाते हैं कि खुशियां हमारे अंदर मिलेंगी,

हमारे दिलों की धड़कनों के साथ।

हमारी भी, अौरों की तरह कोशिश जारी है प्रसन्नता पाने की।

मुस्कान का क्या है ?

फेशबुक की हर तस्वीर मुस्कुराती है।

हम आँखों के आँसू छुपातें हैं, कई बार मुस्कान के पीछे ।

रोती आँखों से मुस्कुराते हैं कई बार।

मुस्कुराहट और खुशी हमेशा साथ हों यह जरूरी नहीं है ,

खुशियाँ के साथ स्मित हो, यह सोने पर सुहागा है।

लेकिन मुस्कुराकर खुशियाँ हासिल नहीं होतीं ।

हाँ, खुशियों से मुस्कुराहट जरूर आ जाती है चेहरे पर।



* Delhi schools roll out ‘happiness classes’ to beat stress

* Positive Psychology 1504: Harvard’s Groundbreaking Course

* The Science of Happiness – The first MOOC to teach positive psychology. Learn science-based principles and practices for a happy, meaningful life. Berkeley University

अश्क़

हर चोट और उनके निशान,बहुत कुछ नया सीखा जातें हैं, बहते अश्क़ मज़बूत बना जातें हैं.

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कुछ हीं बूँदें अश्क़

ना जाने कैसे दिल पर

पड़े भारी बोझ

हल्का  कर  जातें हैं.

कहते हैं वक़्त गहरे से गहरे

घाव भर देता है .

पर सच तो यह है ,

वक़्त उन घावों के साथ रहना

सीखा देता है .

सिर्फ़ आँसू हीं हैं जो दर्द बहा ले जातें हैं.

एक सच यह भी है ,

हर चोट और उनके निशान

बहुत कुछ नया सीखा जातें हैं .

बहते अश्क़ मज़बूत बना जातें हैं.

आँसूअों से नम ना हो

बड़ी बड़ी बोलती सी

काले काजल अंजे  ….

चपल चंचल ख़ंजन नयन

देख कर बस छोटी सी

कामना … ख़्वाहिश …जागी,

नयन तेरे हो या हमारे ,

आँसूअों से नम ना हो कभी .

शुभ नव वर्ष Happy New Year

टेढी -मेढी  बल खाती पगङंङी, ऊँची- नीची राहें ,

कभी फूलों  कभी कांटों के बीच,

 तीखे मोड़ भरे  जीवन का  यह  सफ़र

मीठे -खट्टे अनुभव, यादों,  

के  साथ

 एक अौर साल गुज़र  गया

कब …..कैसे ….पता हीं नहीं चला। 

कभी खुशबू, कभी आँसू  साथ निभाते रहे।

पहेली सी है  यह  जिंदगी।

अभिनंदन नये साल का !!! 

मगंलमय,  

नव वर्ष की शुभकानायें !!!!

 

 

 

अोस नहीं अश्क

गगन से झुक कर पूछा चाँद ने

क्यों आँसू बहा रहे हो?

सामना करो कठिनाईयों का

किसी को फिक्र नहीं तुम्हारे  अश्रुयों की । 

लोग इन पर कदम रखते गुजर जायेंगें।

क्योकिं

जिन पर तुम्हारे कदम पङे हैं

वे अोस नहीं मेरे अश्क हैं।

जिंदगी के रंग -33

दिल पर लगी चोट,

आँसू बन कर बह जाते हैं।

सूखी आँखें अौर

वर्षा के बाद के

धुले असमान देख कर क्या लगता है ,

कभी इतनी तेज़ आँधी आई थी?