मित्रता कर्ण की

लोग उदाहरण देते है कृष्ण- सुदामा के मित्रता की .

पर जान दे कर दोस्ती

तो कर्ण ने भी निभाई दुर्योधन से .

जब कृष्ण ने लालच दिया ज्येष्ठ पांडव बन

राज्य और द्रौपदी को पाने की .

कर्ण के दिल में ठंडक और चेहरे पर मृदु मुस्कान छा गई .

उसका भी परिवार है . वह राज पुत्र है . ……

जिस द्रौपदी को उसने पहली

नज़र में पसंद किया था

,वह उसकी भी अर्धनगिनीबन सकती है .

तभी स्मृति में एक और चेहरा आया .

दुर्योधन को वह धोखा कैसे दे सकता ?

जिसने उसे सम्मान दिलाया .

तब जब उसके अपनो ने भी उसे नहीं पहचान दी . …..

और युद्ध की नियति जानते हुए भी

मित्र के लिए मृत्यु का वरण किया……

 

 

 

मानवता – कविता #beingtrulyhuman-Poem


Indian Bloggers


साम्राज्य  छोङ बुद्ध   ने कहा-

मानवता हित अौर सेवा सबसे ऊपर

हम भूले, विश्व में फैला बुद्धत्व।

ईशु ने  दिया  विश्व शांति,  प्रेम और  सर्वधर्म   सम्मान संदेश।

कुरआन ने कहा  जहाँ मानवता वहाँ अल्लाह।

गीता का उपदेश- कर्मण्यवाधिकारस्ते मा……

– निस्वार्थ  कर्तव्य पालन करो।

कर्ण ने सर्वस्व अौर दधिची  ने किया अस्थि दान ,

कितना किसे याद है, मालूम नहीं।

मदाधं  मानवों की पशुवत पाशविकता जाती नहीं।

मानव होने के नाते, हमारे पास ज्ञान की कमी नहीं।

बस याद रखने की जरुरत है,

पर हम ङूबे हैं झगङे में – धर्म, सीमा, रंग , भाषा……..

हम ऊपरवाले की सर्वोत्तम कृति हैं !

कुछ जिम्मेदारी हमारी भी बनती है।

 

Topic of Indispire –

What would be your idea of an evolved human being? #beingtrulyhuman

 

Image from internet.