आँसूअों से नम ना हो

बड़ी बड़ी बोलती सी

काले काजल अंजे  ….

चपल चंचल ख़ंजन नयन

देख कर बस छोटी सी

कामना … ख़्वाहिश …जागी,

नयन तेरे हो या हमारे ,

आँसूअों से नम ना हो कभी .

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विचारों-यादों के रंग

कोई रंग नहीं

विचारों, यादों का

पानी की तरह .

ना जाने कहाँ से

कभी काले उदास रंग से और

कभी ख़ुशनुमा सतरंगे रंगो से

रंग जातें है सब .

वर्षा की बूँदों को लिखने की ख़्वाहिश

वर्षा की बूँदों को लिखने की ख़्वाहिश……

आकाश के काले मेघ से टपकते

बारिश की सुरीले संगीत ने

धरती के आँचल पर लिख

अपने आप पूरी कर दी .