ज़िंदगी के रंग – 44

आज

क्या कुछ ख़ास बात है ?

नज़ारे ख़ूबसूरत लग रहे है,

लोग प्यारे लग रहे है,

मौसम ख़ुशगवार सा है

लगता है ……

शायद आज दिल ख़ुश है।

जिंदगी के रंग – 43

ज़िंदगी मुझे

आज़माने की ज़िद ना कर।

तु इतनी ख़ूबसूरत है
कि

बन गई है जुनून  मेरी।

तु वह  आग है जो

जलाती है

और सिखाती भी है।