शब्द

ना जाने कितने हथियार बने

कितने दवा बनी ,

पर ‘शब्द ‘ में है

सारी शक्ति ……

ख़ुशी …ग़म …. पीड़ा … या तस्सली

देनी हो .

मीठे – खट्टे शब्द या बोली हीं

काफ़ी है.

आवाज़ हीं पहचान है !!

कहते तो हैंआवाज़ हीं पहचान है !!

पर क्या मिला  है कोई ?

 जो  आवाज  से आपकीखुशी या गम जान लें 

अगर  मिलें तो दिल केरीबरखना इन्हें,

बङे खास  होते हैं  ये लोग।

बंधन

 

कभी कहीं सुना था –
किसी को बंधनों में बाँधने से अच्छा है, आज़ाद छोङ देना।
अगर अपने हैं ,
अपने आप वापस लौट आएगें।

एक सच्ची बात अौर है –
अगर लौट कर ना आयें, तब भी गम ना करना।
क्योंकि
जगह तो बना कर जा रहें है,
शायद किसी ज्यादा अपने के लिये………..

रेत के नीचे बहती एक  नदी – कविता 



आँखों की चमक ,

होठों की मुस्कुराहटों ,

तले दबे 

 आँसुओं के  सैलाब ,


और दिल के ग़म 

नज़र आने के लिये 

नज़र भी  पैनी  चाहिये.

 कि 

रेत के नीचे बहती एक  नदी भी  है.

जिंदगी के रंग- 13

किसी ने  ग़ालिब से पूछा – …..”कैसे हो?”   ग़ालिब ने हँस कर कहा –

 

जिंदगी में ग़म है……

      ग़म में दर्द  है………….

   दर्द में मज़ा है ………

अौर मज़े में हम हैं।

सपने -कविता Dream

Where there is pain, the cure will come.
~ Rumi

जब छोटी थी, बङे-बङे सपने देखा करती, 

अब पहले की छोटी-छोटी बातें याद आती हैं।

खुशियों अौ गम के  खेल में यह समझ आया,

ये सब आती -जाती रहती है

 अौर

 कोई ना कोई सबक दे कर जाती हैं। 

 

चेहरे पर चेहरा #मास्क#mask   -कविता 

mask

नकाब , हिजाब , परदे, ओट ,घूंघट , मुखौटे  या मास्क.

कभी  छुपाती  खूबसूरती , कभी बदसूरती 

कभी छुपाती खुशी, कभी ग़म हैं.

कही  फरेब.छुपा होता हैं.

कहीँ  आँसू.

कही दुल्हन का घूंघट , कही धोखे की आहट 

कही धूप -छाँव से ओट.

छउ  नाच या 

सुंदरबन के बाघों को धोखा देते मुखौटे.

                                                     हर जगह चेहरे पर चेहरा   !!!!!!!!

किस  नकाब के  पीछे.
 ना जाने क्या रहस्य छुपा हैं ,

 बंद लिफाफे के  आकर्षण सा .

रहस्यमय मास्क 

 खींचती  हैं हर  नज़र अपनी ओर …..

 

mask 1

 

 

 

 

images from internet.