सुनहरी स्मृतियाँ

सुनहरी स्मृतियाँ जीवन से बंधी

हाथ पकड़ साथ साथ चलती है .

खिलते फूलो , महकती ख़ुश्बू सी .

कभी ना जाने कहाँ से अचानक

फुहारों सी बरस जाती हैं और

आँखों को बरसा जातीं हैं.

कभी पतझड़ के सूखी पतियों सी

झड़ने को तत्पर हो खो जाती हैं.

लम्हा लम्हा ख़यालों में…..

दिन निकल गया , रात ढल गई

पर बातें अधूरी रह गईं.

यादें …स्मृतियाँ ….. अधूरी रह गईं.

 

 

पगडंडियाँ

जीवन पथ की पगडंडियाँ ,

कच्ची पक्की राहें

कभी चमकती जगमगाती बिजली ,

कही दीप,

कहीं जुगनुओं की रोशनी में

ज़िंदगी बड़ी आगे निकल आई .

पीछे पलट कर देखने पर

ढेरों स्मृतियाँ घेर कर बैठ जाती है .

काश वापस भी जाने की भी राहें होतीं..

 

..

बदलाव

उम्र ने बहुत कुछ बदला –

जीवन, अरमान, राहें…….

समय – वक़्त ने भी कसर नहीं छोड़ी –

मौसम बदले, लोग बदले………

मन में यह ख़्याल आता है –

इतना ख़्याल ना करें, इतना याद ना करें किसी को …..

पर आँखे बंद करते –

मन बदल जाता है, ईमान बदल जाते हैं .

 

 

 

 

ठोकर

जीवन में किसी ने जब कभी 

धोखा दिया,

 समझदार बना दिया,

धक्का  दिया ,

तैराक बना दिया।

समयजमाने की ठोकरें     

जीवन  तराश देती है 

 किसी मूर्तिकार की तरह ।

जिँदगी के रंग – 48

बंद आँखें …. 

कंधे पर ले बोझ ,

जलते अौर चलते जाना जीवन नहीं !!!

दिल की धङकने 

और अपनी अंदर जल रही लौ

का दर्पण,  

खुले  पंख , 

खुशी  अौर दर्द  के साथ  जीना ….

….उङना,

ऊपर उठना सीखा देती है!!!!!

शुभ नव वर्ष Happy New Year

टेढी -मेढी  बल खाती पगङंङी, ऊँची- नीची राहें ,

कभी फूलों  कभी कांटों के बीच,

 तीखे मोड़ भरे  जीवन का  यह  सफ़र

मीठे -खट्टे अनुभव, यादों,  

के  साथ

 एक अौर साल गुज़र  गया

कब …..कैसे ….पता हीं नहीं चला। 

कभी खुशबू, कभी आँसू  साथ निभाते रहे।

पहेली सी है  यह  जिंदगी।

अभिनंदन नये साल का !!! 

मगंलमय,  

नव वर्ष की शुभकानायें !!!!

 

 

 

जीवन के  उजाले

जीवन के  उजाले में

साथ निभाने वाले कई  मिलते हैं

मज़ा तो तब है

जब  अंधेरे में भी साथ बैठने वाला…..

साथ देने वाला कोई हो।

असल रौशनी तो तब दिखती है।