विचारों-यादों के रंग

कोई रंग नहीं

विचारों, यादों का

पानी की तरह .

ना जाने कहाँ से

कभी काले उदास रंग से और

कभी ख़ुशनुमा सतरंगे रंगो से

रंग जातें है सब .

उफान – कविता 

कुछ  क़तरे  दूध  के  ,

उबलते पानी में उफान लाने के लिये काफी है.

          जिंदगी के उतार चढाव  में भी  

               कुछ  क़तरे जोश के  हो

          तो  मंजिल पाने के लिये काफी है.