प्यार, इश्क पेचीदा ढाई अक्षर- हंसी के फव्वारे

आधुनिक वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर निष्कर्ष निकला है कि प्यार, इश्क दिल का मामला नहीं बल्कि मस्तिष्क में हुए कुछ परिवर्तनों का परिणाम है। जिसका वैज्ञानिक रूप से अध्ययन किया जा सकता है.

As it turns out, love is all about the brain – which, in turn, makes the rest of your body go haywire. According to a team of scientists led by Dr. Helen Fisher at Rutgers, romantic love can be broken down into three categories: lust, attraction, and attachment.

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लव, प्यार, इश्क का मारा विज्ञान, हार्मोन से अनजान

फूलों , बैलून, उपहारों से लदे बेचारे प्रेमी ने आते ही इजहार-ऐ-प्रेम शुरू किया।

अनमनी प्रेमिका ने कहा- यह सब तो ठीक है पर मुझे तुम्हारे प्रेम का सुबूत चाहिए।

कहा उसने- क्या मैं दिल चीर कर दिखाऊ, मेरी आंखों में झांक कर देखो,  मेरे रग रग में तुम बसी हो।

नहीं, नहीं बस थोड़े से ब्लड के सैंपल चाहिए – प्रेमिका ने बड़ा इतरा कर कहा।

कहते हैं प्यार दिल का मामला नहीं दिमाग का केमिकल लोचा है, लव हार्मोन का मामला है।

जांच कराने के लिए तो ब्लड सैंपल लगेगा ही ।

 तुम्हारे जैसे आधे दर्जन मजनूअों का जाँच करा  रफा-दफा कर चुकी हूं अब बारी तेरी है।

हैरान-परेशान प्रेमी ने कहा- देखो गिफ्टों, मूवी से जाने कितनी लड़कियों को पटा चुका हूं

मेरी  दर्जन भर गर्लफ्रेंडस में एक तुम खून खराबे की बातें कर रही हो।

हमने तो यही जाना – “प्यार दिल दा मामला है” !!!

मुझे ऐसी अग्नि परीक्षा  लेनेवाली प्रेमिका नहीं चाहिए।

 

 

 

 

इंद्रधनुष

बरसात की झड़ी

बादलों का गरजना ,

बरसती बूँदों की झड़ी

से प्यार हो जाता हैं ,

जब नीले आसमान में

छिटके इंद्रधनुष की सतरंगी

छँटा खिड़की तक उतर आती हैं.

धनक दिल और धड़कनों को अपने रंग में रंग जाती है.

 

एक खामोश ख्याल

एक खामोश ख्याल आता है दिल में,
हर अोर है शोर,

प्यार- प्रेम करो सबसे।
पर लफ्ज़ों – रिश्तों में बधीं उलझी
प्यार भरी इस जिंदगी
से प्यार करना अौर
प्यार से असली…..

…….शुद्ध प्यार पाना
सरल है क्या ? 

जीवन के रंग – 42

हम सभी के पास

अपनी -अपनी कहानियाँ हैं…..

हम सब किसी ना किसी दौर से गुजरें हैं।

प्यार, नफरत, पसंद, नापसंद,

पछतावा दर्द , दुःख,  खुशी……

जो शायद दूसरे ना समझें।

यह सब तो जीवन के रंग हैं।

जो हमें तोङने के लिये नहीं

जोङने के लिये होते हैं।

अपने को माफ करके तो देखिये Forgive yourself

 

अपने आप से नाराजगी, शिकायतें 

अपने आप से झगङा…..

क्यों हम करते  हैं हर  रोज़?

कभी अपने आप से  प्यार अौर दोस्ती

करके तो देखिये।

अपने को माफ करके तो देखिये……

कितना सुकून मिलेगा। 

 

इन इत्रों, खुशबू, सुगंध से परे

इन दुनियावी  रंगों , इत्रों, खुशबू, सुगंध से परे

कोई अौर भी राग-रंग,  महक है ,

जो  दिल और आत्मा को रंगती हैं

जीवन यात्रा में।

यह  खुशबू   हमें ले कर  चलती रहती है,

प्यार भरे जीवन के अनन्त  पथ पर।

true love

The

         One

                  that

                        truly

                                   loves

                                            you

                                                     will

                                                            set

                                                                     you

                                                                                 free.

 

                                                                                                    Rumi ❤