लफ़्ज़ों की बहती पंक्तियाँ

मन में उठते

शोर और कोलाहल ,

हलचल , उफान ,लहरें , ज्वार भाटे

को शब्दों……

लफ़्ज़ों की बहती पंक्तियों में

पन्ने पर उतारने पर

ना आवाज़ होती है

ना शोर और

मन भी काव्य की

अपूर्व शांति में डूब जाता है …….

 

 

 

Picture Courtsey: Zatoichi.

तराशे हुए शब्द

तराशे हुए शब्दों में जीवन की कहानी

कविता-नज़म बन जाती है।

अौर फिर लय में बँध संगीत बनती है।

दिल की पीड़ा

तरंगों-लहरों के साथ बहती

ना जाने कितने दिलों को

छूने लगती है।