लफ़्ज़ों की बहती पंक्तियाँ

मन में उठते

शोर और कोलाहल ,

हलचल , उफान ,लहरें , ज्वार भाटे

को शब्दों……

लफ़्ज़ों की बहती पंक्तियों में

पन्ने पर उतारने पर

ना आवाज़ होती है

ना शोर और

मन भी काव्य की

अपूर्व शांति में डूब जाता है …….

 

 

 

Picture Courtsey: Zatoichi.

बदलाव

उम्र ने बहुत कुछ बदला –

जीवन, अरमान, राहें…….

समय – वक़्त ने भी कसर नहीं छोड़ी –

मौसम बदले, लोग बदले………

मन में यह ख़्याल आता है –

इतना ख़्याल ना करें, इतना याद ना करें किसी को …..

पर आँखे बंद करते –

मन बदल जाता है, ईमान बदल जाते हैं .

 

 

 

 

चुम्बक magnet

 

पल पल बदलता यह मन

ना जाने क्या ढूँढता रहता है .

शायद यह खींचता  है कुछ

अौर ख़ुद खींच जाता  है किसी ओर।

चुम्बक की तरह लगता है ….

 

प्रेम

प्रेम रहस्यों भरा एक अंनत सागर है,

जिसका ना आदि है ना अंत ।

अगर मन के अंदर प्रेम अौर शांति है,

हर जगह…

और हर जगह…. वही दिखेगा।

चोट के निशान

मन अौर दिल पर लगे,

हर चोट के निशान ने मुस्कुरा कर

ऊपरवाले को शुक्रिया कहा…..

जीवन के हर सबक, पीड़ा  अौर आघात के लिये

ये तमगे हैं, जिन्हों ने जीना सीखाया।

औरन को शीतल करे, Like a cool breeze in summer

ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय |

औरन को शीतल करे, आपहु शीतल होय ||

 

ऐसी भाषा बोलें जिससे आपके मन का गर्व घमंड दूर हो । इस से
सुनने वाले  निर्मल और शीतल होंगे और आप भी शीतल और पवित्र होगें।

 

Speak in words so sweet, that fill the heart with joy
Like a cool breeze in summer, for others and self to enjoy

 

~~~Kabir