अपने आप को

अपने आप को आईने में ढूँढा,

परछाइयों में अक्सों….

चित्रों में खोजा,

लोगों की भीड़ में ,

किसी की आँखों में खोजा,

यादों में, बातों में खोजा,

भूल गई अपने दिल में झाँकना.

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विचारों-यादों के रंग

कोई रंग नहीं

विचारों, यादों का

पानी की तरह .

ना जाने कहाँ से

कभी काले उदास रंग से और

कभी ख़ुशनुमा सतरंगे रंगो से

रंग जातें है सब .

शुभ नव वर्ष Happy New Year

टेढी -मेढी  बल खाती पगङंङी, ऊँची- नीची राहें ,

कभी फूलों  कभी कांटों के बीच,

 तीखे मोड़ भरे  जीवन का  यह  सफ़र

मीठे -खट्टे अनुभव, यादों,  

के  साथ

 एक अौर साल गुज़र  गया

कब …..कैसे ….पता हीं नहीं चला। 

कभी खुशबू, कभी आँसू  साथ निभाते रहे।

पहेली सी है  यह  जिंदगी।

अभिनंदन नये साल का !!! 

मगंलमय,  

नव वर्ष की शुभकानायें !!!!

 

 

 

फिजा में बिखरी खुशबू


फिज़ा
में बिखरी खुशबू खिसकती सरकती 
ना जाने कब 

पास पहुँच कर 

गले में बाँहें डाल 

अतीत की ओर खीँच  ले गई .

किसी के यादों के साये और गुलाबों के बीच ले गई .