लेखक ब्लॉक

 लेखन के दौरान कभी-कभी  लिखना कठिन हो जाता है। समझ नहीं आता क्या लिखें, कैसे लिखें।

यह तब होता है

जब आपके काल्पनिक दोस्त ,चरित्र या  पात्र आपसे बात करना बंद कर देते हैं !!!  

इसे हीं लेखक ब्लॉक कहते हैं। 

जुनून अौर जोश

अपने  विचारों को

पढ़ने अौर पकङने के जुनून अौर जोश ने

मनन करना सीखा दिया।

मन के   विचारों  

को पन्नों पर  

शब्द जाल बना कर, ऊतारना  सीखा दिया।

लिखना क्यों जरुरी है ?

 

अपने तनाव और परेशानीयों को कम करने के लिए लिखें- डॉ. जेम्स डब्लू पेननेबैकर, मनोविज्ञान विभाग, टेक्सास विश्वविद्यालय, ऑस्टिन ने अभिव्यक्त पुर्ण लेखन के स्वास्थ्य  पर अनेक शोध में अनेक फायदे देखें हैं ।

अभिव्यक्ति लेखन: मन की बातें   लिखना  अभिव्यक्त का  रचनात्माक माध्यम  हैं । मन की  बातों को लिख कर अचेतन में दबी बातों के नाकारात्मक असर को कम किया जा सकता है।

लेखन एक चिकित्सा –  लेखन मात्र मनोरंजन नहीं, बल्कि एक तरह का  चिकित्सा भी है ।

अपने विचारों और भावनाओं को लिखें – अच्छे शारीरिक  और भावनात्मक स्वास्थ के लिए लिखना फायदेमंद है।

लेखन  मस्तिष्क  का व्यायाम है – एक नए अध्ययन में पाया गया कि लिखना  अौर  पढ़ना जैसे शौक  दिमाग-के व्यायाम  की गतिविधियों है, जो  हर  उम्र में लाभदयक है। यह याददाश्त, फ़ोकस, मूड आदि  में सुधार करता है।

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प्रश्न में हीं उत्तर – कविता

Are we really aware of how much we know? While Writing and teaching  one can examine or validate his/her knowledge.  Reading, Writing and Teaching may help you find an answer of this question.

 

जब कुछ लिखने बैठती हूँ, तब समझ आता है,

कितना कम जानती हूँ।

जब  पढ़ाना होता है, तब  भी समझ आता है,

कितना कम जानती हूँ।

अपने ज्ञान को मापने का है क्या कोई तरीका?

कि

हम क्या जानते हैं? अौर कितना जानते हैं?

प्रश्न में हीं उत्तर छुपा है…….. 

लिखना, पढ़ना अौर  पढ़ाना हीं

ज्ञान को आत्मसात  अौर अभिव्यक्त करने का  सबसे आसान तरीका है,

अौर अपने को परखने का तरीका भी लेखन और शिक्षण  हीं है!!!!!

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