जीवन के रंग  – 31 सघन अँधेरा 


कालरात्रि सा सघन अँधेरा , 

आता  है जीवन में हर रोज़ .

पर 

आकाश के  एक एक कर 

बूझते सितारे,

करते है सूरज 

औ भोर की 

किरणों का आगाज …..

बस याद रखना है –

हर रात की  होती  है

 सुहानी भोर !!!



सूरज धुल कर चाँद

 

कशमकश में दिवस बीत गया….

सूरज धुल कर चाँद हो गया।

तब

आसमान के झिलमिलाते सितारों ने कहा –

हौसला रखो अौर आसमान चुमने की कोशिश करो।

क्योकिं अगर

उतना ऊपर ना भी पहुँच सके,

तब भी हम सितारों तक 

 तो जरुर पहुँच जाअोगे!!!

 जिंदगी के रंग  19  – रौशन चाँद 


आसमान में झिलमिलाते  सितारे  , 

जगमगाता रौशन चाँद ….

खो गए  

अमावस के अँधेरे में.

और धीरे से  कहा –

जिंदगी के रंगो को  देखो  ….

टूटना और जुटना सीखो.

हम भी तो आधे -अधूरे -पूरे होते रहते है.

यह चक्र तो चलता ही  रहता है.