Krishna – real Message and Essence of Janmashtmi.

Krishna was born in the darkness of the night, into the locked confines of a jail. However,

at the moment of His birth, all the guards fell asleep, the chains were broken and the

barred doors gently opened.

Similarly, as soon as Krishna ( Chetna, Awareness ) takes birth in our hearts,

all darkness ( Negativity ) fades. All chains ( Ego, I, Me, Myself ) are broken.

And all prison doors we keep ourselves in ( Caste, Religion, Profession, Relations etc) are opened.

 

Highest state of spiritual union.

Only when a person

responds to the

joys  and sorrows

of others,

as if they were his own,

he has attained the

highest state of spiritual union.

 

~~ Bhagavad Gita

 

does not cost you any thing…

क्या फिर कृष्ण ने जन्म लिया है?

NEWS-

61 MORE KIDS DIE IN LAST 72 HOURS AT GORAKHPUR HOSPITAL

Farrukhabad: 49 infants die in UP hospital

गोरखपुर में 72 घंटे में 46 बच्चों की मौत

अब फर्रुखाबाद में 49 बच्चों की मौत

हर रोज नन्हें बच्चों के मृत्यु की खबरें
दहशत पैदा कर रहीं हैं ।
कौन सी आसुरी वृत्ति इनके मौत का कारण है?

 द्वापर युग में
मथुरा राज कंस ने आकाशवाणी सुनी – 
देवकी का आठवाँ बालक उनका वध करेगा। 

कुपित क्रूर कंस ने
देवकी के समस्त संतानों को मार ङाला।
आठवीं कन्या को मारना चाहा ,

तब वह
काली रुपा आसमान में जा कर बोल पङी —
“तुझे मारने वाला तो जन्म ले चुका है।”

मृत्यु भय  ग्रस्त कंस ने सभी
नवजात शिशुओं को मरवाना शुरु कर दिया।

क्या आज फिर उसी कुकाण्ङ की पुनरावृत्ति हो रही है?

बढ़ते पाप – अनाचार के नाश अौर
धर्म की स्थापना के लिये, 
मस्तक पर मोर मुकुट
वक्षस्थल पर कौस्तुभ मणि धारण करने वाले विष्णुवतार
 कृष्ण ने क्या फिर कहीं जन्म लिया है? 

यह ताङंव रुकेगा क्या?

राधाकृष्ण Radha-Krishna – Poem

The divine, eternal, and spiritual  love –  Krishna went to  Radha to bid his farewell before leaving Vrindavan. They spent a few minutes without a word. They knew each other’s feelings.  Words had little meaning to convey their love.

 

कान्हा ने राधा से पूछा, कहाँ है तु खोई-खोई?

क्यों तु  लग रही है  रोई-रोई  ?

राधा ने कहा —

कुछ रिश्ते भावनाअों -एहसासों मे ङूबे होते हैं।

इसलिए निर्दोष होते हैं …
 सुंदर होते हैं…… 
मैंने जितना तुम्हें  खोजा,
जितना अधिक जाना,
उतना  अौर पाना चाहा, पर पाया  नहीं !

कान्हा ने कहा – इसलिये क्योकिं,

अपने दिल में तो तुने झाँका हीं नहीं……

हर मंदिर में तु ही तो  होती है  मेरे साथ। 

 

राधा-कृष्ण के आध्यात्मिक रिश्ता अौर अलौकिक प्रेम की अनेकों कहानियाँ है। वृंदावन छोङने से पहले कान्हा, राधा से मिले। पर दोनों  कुछ नहीं  बोल रहे थे, बस चुप थे। पर मौन की भी अपनी एक भाषा होती है।