ज़िंदगी के रंग -110

जिंदगी रोज़ नया कुछ सिखाती है, बशर्ते हम सीखना चाहें।

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सुबह की शीतल बयार

कानों में कुछ कह रही थी …,..

उन पर भरोसा मत करो

जो दिलों को तकलीफ़ देते हों,

अपने वो हैं जो

पल भर का भी सुकून दे ,

हौसला , तस्सली दे .

Psychology and life: The Worst Barrier To Weight Loss

वजन घटाने में एक बङी बाधा : हमारी मानसिक अवस्था Our mental state

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वजन घटाने में एक बङी बाधा : हमारी मानसिक अवस्था Our mental state

हमारी मानसिक अवस्था ऐसी स्थिति के लिये बहुत हद तक जिम्मेदार होती है हम जब बेहद परेशान होते हैं तब हम डिफेंसिव एटीट्यूड अौर Status quo मतलब यथास्थिति या हम जैसे हैं वैसे ही स्थिति बनाए रखना चाहते हैं।

जब हम मानसिक आघात, ट्रौमा, अनजाने एंग्जायटी, मानसिक दबाव ,डर , अनजानी परिस्थती, या बस्तुअों से घबराये हुए होते हैं अौर अपनी स्थिति बदलना नहीं चाहते हैं। ऐसे में अपनी मानसिक स्थिति को जरूरत से ज्यादा नियंत्रित करने की कोशिश करने लगते है

मानसिक दवाब की स्थिति में हम उल्टा सीधा भोजन , अधिक कैलोरी वाले भोजन, चीनी ऐसी चीजें, खाना की मात्रा बढ़ा देते हैं ।  यह एक तरह का इटिंग डिसऑर्डर है। इसकी वजह से भी वजन नहीं घटता।

उपाय Solution

ऐसे में जरूरत है कि अपनी परेशानियों को समझ कर अपने को संभालने की कोशिश करें। अगर व्यक्तिगत रूप से यह संभव नहीं है तो प्रोफेशनल मदद भी लेनी चाहिए । दूसरी बात है – योग, ध्यान, प्राणायाम, एक्सरसाइज, वाक जैसी आदतों को नियमित रूप से शुरू करें।

इसके अलावा हमें अपनी हॉबी और मन बहलाने के साधन भी पर भी ध्यान देना चाहिए। कोशिश करनी चाहिए ऐसे मित्रों के साथ समय बिताएं जो आपकी समस्या को समझ कर सहायता करें। सपोर्ट ग्रुप के साथ समय व्यतीत कर अपने को संभालने की कोशिश करनी चाहिए। इन सब के बाद अगर वजन घटाने का नियमित अभ्यास व कोशिश की जाए। तब डाइट और शारीरिक गतिविधियों से असर नजर आने लगता है, क्योंकि अगर मानसिक रूप से स्वस्थ होकर कोशिश की जाए। तब यह जरूर कारागार होता है

सबसे महत्वपूर्ण सुझाव

कभी कभी मानसिक स्थिति ऐसी हो जाती है कि कुछ भी करना लगभग असंभव लगता है । घबरायें नहीं। यह सब बातें मानसिक दवाब के समय सामान्य है। ऐसे में थोड़ा प्रयास करें, दोस्तों, परिवार से मदद लें। थोङे से शुरुआत करें। उदाहरण के लिए तीन प्राणायाम, 5 मिनट के ध्यान, थोङा वाक से शुरू किया जा सकता है

ऐसे लोगों के साथ ना रहने की कोशिश करें। जो नकारात्मक या परेशान करने वाली बातों से आपको परेशान, अशांत, विक्षुब्ध करें।


जिंदगी के रंग – 96

पलट कर अंजुमन-ए- ज़िंदगी को देखा

याद आये इस महफिल के

कई पल… कई रंग….. !

सीखे नियमों का अंधा अनुकरण,

अपनी सोंच कम .

लोग क्या कहेंगे …..

औरों को ख़ुश रखने की कोशिश ….

सब बेकार हो गया .

बेज़ार ज़िंदगी ने हीं सिखाया सबक़ .

किसी का दिल दुखाए बिना ,

अपने नियम बनाओ !

अपने लिए खड़े होना सीखो ,

अपने आप को प्यार करो

और ख़ुश रखो !!!!