Kintsugi- golden repair”

टूट कर बिखरने से ज्यादा अच्छा है , जिंदगी को सुनहरे रुपहले तारों  से जोड़ लेना!!!!

In Japan broken objects are often repaired with gold. 

CONSIDER THIS WHEN YOU FEEL BROKEN

Kintsugi -golden repair”

In Japan, instead of tossing these pieces in the trash, some craftsmen practice the 500-year-old art of kintsugi, or “golden joinery,” which is a method of restoring a broken piece with a lacquer that is mixed with gold, silver, or platinum. … The gold-filled cracks of a once-broken item are a testament to its history.

 

जापान में, टूटे  टुकड़ों को  फेंकने के बजाय, कारीगर इसे सोने का पानी लगा कर जोङ देते हैं।  यह  500 वर्ष पुरानी कला  कीट्सुगी  या “गोल्डन जोङ” कहलाती है।  टूटे  टुकड़े को  सोने, चांदी , या प्लैटिनम  से जोङा जाता है  अौर यह  सोने से भरी हुई दरारों वाली वस्तु  ऐतिहास धरोहर बन जाती हैं।

 

 

Image from Internet.

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Wings – Quote

You were born with potential.
You were born with goodness and trust.
You were born with ideals and dreams. You were born with greatness.
You were born with wings.
You are not meant for crawling, so don’t.
You have wings.
Learn to use them and fly.

~ Rumi

 

 

Image courtesy Chandni .

ईश्वर की खोज में 2 -कविता In search of GOD-Poem

religion 1

मैं

इंसानियत में बसता हूं

और लोग मुझे मजहबों में ढूंढते हैं।

Image courtesy internet.

 

 

 

अपनी जङें मजबूत करें – बांस की तरह प्रेरक लेख (Chinese Bamboo-motivational thought )

 

बांस एक तरह का घास है। चीनी बांस के पेड़ छह सप्ताह में 80 फुट लम्बे हो जाते है। यह बङी हैरानी की बात है। पर सच्चाई यह है कि इसे लगाने के चार वर्ष बाद तक इस में विकास के कोई चिन्ह नहीं दिखते। पर इसे पानी अौर पोषण उपलब्ध कराया जाता है। चार वर्ष के बाद पांचवें वर्ष में एक चमत्कार की तरह बांस के पेड़ सिर्फ छह सप्ताह में 80 फुट बढ़ जाते हैं।

यह चमत्कार नहीं है। इतने समय यह निष्क्रिय नहीं रहता। चार वर्षौं के दौरान बांस अपने अस्सी फुट ऊँचाई को संभालने के लिये अपनी जङों को बनाता अौर मजबूत करता रहता है। वर्ना यह अचानक अपनी 80 फुट लम्बी काया को संभाल नहीं सकेगा।

हम भी थोङे मेहनत के बाद हीं सफलता की कामना करने लगते हैं। जब कि जड़ें मजबूत बनने के लिये धैर्य अौर परिश्रम की जरुरत होती है। प्रतिकूल परिस्थितियों और चुनौती का सामना करने की शक्ति अौर सफलता संभालने के लिए मजबूत नींव बनने में समय लगता है। इस लिये असफलता से ङरने के बदले इसे जङों या आधार अौर नींव का निर्माण काल मानना चाहिये। जब एक घास में इतना सामर्थ है तब हम तो ईश्वार की सर्वौत्तम रचना हैं।

Source: अपनी जङें मजबूत करें – बांस की तरह (प्रेरक लेख / motivational thought )