5 fold hike in rape of kids from 1994 to 2016: Report

कहते हैं हम इंसान तरक़्क़ी कर रहें हैं.

आगे बढ़ रहें हैं.

पर जा कहाँ रहें हैं?

ना इंसानों, ना बच्चों, ना पशुओं

किसी के बारे में नहीं सोंच रहें हैं.

अफ़सोस !!!!

क्रूरता की इंतहा है.

https://m.hindustantimes.com/india-news/5-fold-hike-in-rape-of-kids-from-1994-to-2016-report/story-Qg9eZxxZTgfr6k563ldfII.html?utm_campaign=fullarticle&utm_medium=referral&utm_source=inshorts