वन्देमातरम और उसका हिन्दी-काव्यानुवाद

वन्दे मातरम्

सुजलां सुफलाम्

मलयजशीतलाम्

शस्यश्यामलाम्

मातरम्।

शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीम्

फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीम्

सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम्

सुखदां वरदां मातरम्॥ १॥

सप्त-कोटि-कण्ठ-कल-कल-निनाद-कराले

द्विसप्त-कोटि-भुजैर्धृत-खरकरवाले,

अबला केन मा एत बले।

बहुबलधारिणीं

नमामि तारिणीं

रिपुदलवारिणीं

मातरम्॥ २॥

अनुवाद—-

वन्दे मातरम् – का अर्थ साधारणतः माँ को प्रार्थना करने से है – इस कविता को बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय ने 1882 में अपने उपन्यास आनंदमठ में लिखा थी। इस कविता को बंगाली और संस्कृत में लिखा गया था।

जलवायु अन्न , फल फूल दायिनी माँ!, धन धान्य सम्पदा सुख,गौरव प्रदायिनी माँ!!

शत-शत नमन करें हम, हे मातृभूमि भारत!

यह छवि स्वमन धरें हम, हे मातृभूमि भारत! तुझको नमन करें हम, हे मातृभूमि भारत!!

हे मातृभूमि भारत! हे पितृभूमि भारत!!

कसकर कमर खड़े हैं, हम कोटि सुत तिहारे। क्या है मजाल कोई, दुश्मन तुझे निहारे।।

अरि-दल दमन करें हम, हे मातृभूमि भारत! तुझको नमन करें हम, हे मातृभूमि भारत!!

हे मातृभूमि भारत! हे पितृभूमि भारत!!

तू ही हमारी विद्या, तू ही परम धरम है। तू ही हमारा मन है, तू ही वचन करम है।।

तेरा भजन करें हम, हे मातृभूमि भारत! तुझको नमन करें हम, हे मातृभूमि भारत!!

हे मातृभूमि भारत! हे पितृभूमि भारत!!

तेरा मुकुट हिमालय, उर-माल यमुना-गंगा। तेरे चरण पखारे, उच्छल जलधि तरंगा।।

अर्पित सु-मन करें हम, हे मातृभूमि भारत! तुझको नमन करें हम, हे मातृभूमि भारत!!

हे मातृभूमि भारत! हे पितृभूमि भारत!!

गुंजित गगन करें हम, हे मातृभूमि भारत! तुझको नमन करें हम, हे मातृभूमि भारत!!

हे मातृभूमि भारत! हे पितृभूमि भारत!!

ऐसा मनन करें हम, हे मातृभूमि भारत! तुझको नमन करें हम, हे मातृभूमि भारत!!

हे मातृभूमि भारत! हे पितृभूमि भारत!!

जानकारी स्रोत :

१. https://m.wikisource.org/wiki/सामूहिक_राष्ट्रगान_(वन्देमातरम_का_हिन्दी-काव्यानुवाद)

२. https://hi.m.wikipedia.org/wiki/वन्दे_मातरम्